Monday, November 21, 2022

Andhra Pradesh's Dr. Kondisetti Suresh, Dr. Kalapati Ravi Chandra, Dr. Kollapudi Hema Sundar, Dr. Makeneni Madhuri honored with Doctorate degree | BCR NEWS

BCR NEWS/New Delhi: An award ceremony was organized by 'Magic Book of Records' in Faridabad, adjacent to Delhi. Doctorate degrees were awarded to Dr. Kondisetti Suresh, Dr. Kalapati Ravi Chandra, Dr. Kollapudi Hema Sundar, Dr. Makeneni Madhuri from Andhra Pradesh.

Let us tell you that all of them were given this award on the occasion of serving the poor people through social service and free medical camps during Corona, providing free treatment, food and medicine.


Pandit Rakesh Narayan Acharya Ji Maharaj, Dr. Karan Vishwakarma, Mamta Yadav, Dr. CP Yadav Honorary played the role of chief guest in this program organized by 'Magic Book of Records'.

Friday, November 4, 2022

मोरबी पुल हादसा: एक्ट ऑफ गॉड या एक्ट ऑफ फ्रॉड, असली गुनहगारों पर मेहरबान कौन ? | BCR NEWS

 निशा सिंह

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: मोरबी पुल हादसे के बाद जिला व पालिका प्रशासन अपना-अपना पल्ला झाड़ने में लगे हुए हैं। पुल हादसे में तकरीबन 135 लोगों की मौत हो चुकी हैं। कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि कुछ लापता हैं। इसी बीच एक दिल दहलाने वाला वीडियो सामने आया। लोग किस तरह रस्सियों पर लटक कर अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे और लगातार चिल्ला रहे थे। हादसे के बाद हर गली मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। श्मशान से लेकर क़ब्रिस्तान तक में जगह की कमी पड़ गई है। कफ़न से लेकर दफन तक का यह झकझोर देने वाला दृश्य पूरी रात चलता रहा।

दिल दहला देने वाली इस घटना को महज एक हादसा कह कर दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए। बल्कि, यह मामला सीधे तौर पर हत्या का बनता है। आंसुओं के इस सैलाब को इंसाफ तभी मिलेगा जब असली गुनहगारों को सख्त से सख्त सज़ा मिलेगी। कार्रवाई के नाम पर सिक्योरिटी गार्ड, टिकट क्लर्क, मैनेजर और ठेकेदारों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आखिरकार इन लोगों पर कार्रवाई करके क्या सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है? क्यों उन बड़ी मछलियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है जो इस हादसे के लिए असली जिम्मेदार हैं।



यह पुल पिछले सात महीने से बंद था। करोड़ों रुपए इस पुल के मरम्मत कार्य पर लगाया गया और 26 अक्टूबर को बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के इस पुल को खोल दिया गया। चार दिन बाद ही यह पुल टूट गया। जिस समय पुल टूटा उस वक्त पुल पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे। जब बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के इस पुल को खोला गया, उस वक्त प्रशासन कहां था? हादसे के असली जिम्मेदार ओरेवा कंपनी के मालिक पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ? उन्होंने बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के पुल को कैसे खोला? मोरबी नगर पालिका पल्ला झाड़ रहा है कि उससे फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं लिया गया। गौरतलब है कि नगरपालिका की नाक के नीचे ये पुल चार दिन तक खुला रहा और अधिकारी सोते रहे। चार दिनों तक टिकटों की बिक्री में भी लूटपाट हो रही थी। तयशुल्क से ज्यादा लोगों से वसूला जा रहा था। क्या मोरबी के कलेक्टर को कटघरे में खड़ा नहीं किया जाना चाहिए? आखिर जिले के मुखिया का ध्यान अनियमितताओं की तरफ क्यों नहीं गया? इस लापरवाही के लिए क्या कलेक्टर जिम्मेदार नहीं हैं? दरअसल यह घटना ईश्वरीय कृत्य नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का नतीजा है।

मोरबी की शान कहलाया जाने वाला केबल ब्रिज (झूलता हुआ पुल) 143 साल पुराना था, जो 30 अक्टूबर को हादसे का शिकार हुआ। आजादी से पहले ब्रिटिश शासन में मोरबी ब्रिज का निर्माण किया गया था। मच्छु नदी पर बना यह ब्रिज ऐतिहासिक होने के साथ ही मोरबी का प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट भी था.


Nisha Singh (Senior Journalist)

नोट:

निशा सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और विभिन्न ज्वलंत विषयों पर अपनी राय बेबाकी से रखती हैं।

बिना चोली पहने ही उर्फी जावेद ने दी दिवाली की बधाई, भड़के लोग बोले- थोड़ी तो शर्म करो | BCR NEWS

https://bcrnews.co.in/urfi-javed-congratulated-diwali-without-wearing-a-choli-angry-people-said-be-a-little-ashamed-bcr-news/

Tuesday, July 5, 2022

Qatil Kaun

QATIL KAUN - Webseries's first look Promo released Today, Please Watch & Enjoy.

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https://youtu.be/Q7IbF9QVH0E


QATIL KAUN - Webseries's first look Promo released

Staring: Ajay Shastri & Koyal Roy

Producer & Director : Ajay Shastri

Co-Producer : Rachna Sharma & Naveen Kumar

Associate Director : Bhupender Titra

Music: Dhruv Sufi & Ajay Shastri

D.O.P. : Ashok

Makeup: Radha Gupta

Creative : Bir Joggi

Special Thanks : Khursheed Ahmed

Label : T-Time Music

Media Partner : Bollywood Cine Reporter & BCR NEWS


https://youtu.be/Q7IbF9QVH0E

Tuesday, May 17, 2022

ज्ञानवापी मस्जिद केस: शिवलिंग मिलने वाले क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करें लेकिन नमाज न रोकी जाए, सुप्रीम कोर्ट का आदेश | BCR NEWS

 BCR NEWS/New Delhi : Gyanvapi Survey : ज्ञानवापी मस्जिद मामले (Gyanvapi Masjid Case) में अहम आदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ) ने कहा है कि जिला मजिस्ट्रेट उस क्षेत्र को सुरक्षित करे जहां शिवलिंग (​​Shivling area) मिला बताया गया है. इसके साथ ही मुस्लिमों के प्रार्थना करने या धार्मिक गतिविधि के लिए प्रवेश को रोका न जाए. कोर्ट ने कहा कि वाराणसी के जिलाधिकारी उस क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करें जहां शिवलिंग मिलने की बात कही गई और इससे मुस्लिमों के नमाज अदा करने एवं अन्य धार्मिक रस्म निभाने में बाधा नहीं आए.सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी की अदालत सील करने के आदेश को शिवलिंग क्षेत्र सुरक्षित करने तक सीमित किया. वाराणसी की कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं लगाई गई है. कोर्ट ने कहा कि हम सोचते हैं कि ये बैलेंस आदेश है.सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की याचिका पर हिंदू पक्ष को नोटिस जारी किया है. हिंदू पक्ष के जिन याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी हुआ है, उनमें राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक शामिल हैं. इसके अलावा यूपी सरकार, बनारस के डीएम, पुलिस कमिश्नर और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बोर्ड के सभी ट्रस्टी को नोटिस जारी किया गया है. मामले की सुनवाई 19 मई को होगी.


इससे पहले, मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में  मंगलवार को हुई सुनवाई में मस्जिद कमेटी की ओर से हुजेफा अहमदी ने जिरह की. हुजेफा ने कहा, 'ये वाद ये घोषणा करने के लिए किया गया है कि हिंदू दर्शन करने और पूजा करने के हकदार हैं. इसका मतलब मस्जिद का धार्मिक करेक्टर बदलना होगा. आप एडवोकेट कमिश्नर को इस तरह नहीं चुन सकते. वादी के सुझाए गए विकल्प पर एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति नहीं की जा सकती थी.' उन्‍होंने कहा कि हमारे आग्रह पर CJI ने जल्द सुनवाई की मांग की. अहमदी ने कहा, 'शनिवार और रविवार को कमीशन ने सर्वे किया. कमिश्‍नर को मालूम था कि सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई करेगा, इसके बावजूद सर्वे किया गया. सोमवार को वादी ने निचली अदालत में अर्जी दी कि सर्वे में एक शिवलिंग मिला है. दुर्भाग्यपूर्ण है कि ट्रायल कोर्ट ने इस पर सील करने के आदेश जारी कर दिए.' उन्‍होंने कहा, ' इस तथ्य के बावजूद कि कमिश्नर द्वारा कोई रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई थी.वादी द्वारा अर्जी   कि कमिश्नर ने तालाब के पास एक शिवलिंग देखा है. यह अत्यधिक अनुचित है  क्योंकि कमीशन की रिपोर्ट को दाखिल होने तक गोपनीय माना जाता है. कमीशन के सर्वे की आड़ में जगह को सील कराने की कोशिश की गई. प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट का उल्लंघन नहीं किया जा सकता. इसी तरह के सूट पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाई जा चुकी है. हमने ट्रायल कोर्ट के जज को सूचित किया था.' अहमदी ने मांग की कि ट्रायल कोर्ट के आदेश को रोका जाए,  ये गैर कानूनी है. बाबरी मस्जिद केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने की शिकायत पर रोक लगाता है.

अहमदी ने कहा, 'इस न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि 15 अगस्त, 1947 को किसी स्थान के धार्मिक चरित्र से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. इस तरह के आदेशों में शरारत की गंभीर संभावना होती है.' उन्‍होंने कहा कि इन सभी आदेशों पर भी रोक लगाई जाए. ये आदेश संसद के कानून के खिलाफ हैं. पहले के एक सूट पर रोक लगा दी गई थी.ये सभी आदेश अवैध हैं और इन्हें रोका जाना चाहिए.इस पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, 'हम ट्रायल कोर्ट को कमीशन की नियुक्ति को लेकर लंबित अर्जी को निपटाने को कह सकते हैं. एकमात्र बिंदु, हम केवल चर्चा कर रहे हैं, आपकी चुनौती के आधार पर कि प्लेसऑफ वर्शिप एक्ट द्वारा राहत अनुदान को रोक दिया गया है. यही वह राहत है जिसे आपने आवेदन में मांगा है. हम निचली अदालत को निपटान करने का निर्देश दे सकते हैं.

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम आदेश जारी करेंगे कि जिला मस्जिट्रेट उस जगह की सुरक्षा करें जहां शिवलिंग मिला है. लेकिन ये लोगों के नमाज अदा करने के रास्ते में नहीं आना चाहिए. उन्‍होंने सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता से पूछा-शिवलिंग कहां मिला है. इस पर SG ने कहा, 'वजूखाने में , जैसा कि मैं समझता हूं, वह जगह है जहां आप हाथ-मुंह धोते हैं और नमाज अदा करने के लिए एक अलग जगह है. मजिस्ट्रेट की चिंता यह लगती  है कि यदि कुछ महत्वपूर्ण पाया जाता है, तो  यहां आने वाले लोगों की वजह से परेशानी हो सकती है.' SG ने सुप्रीम कोर्ट से कल तक का वक्त मांगा जिसका मस्जिद कमेटी ने इसका विरोध किया और कहा कि गलत तरीके से आदेश जारी किए गए. अहमदी ने कहा कि सोमवार को वाराणसी कोर्ट ने अर्जी दाखिल करने के एक घंटे के भीतर आदेश पारित किया और वह भी एकपक्षीय. क्या निचली अदालत में कार्यवाही पर निष्पक्षता की कमी नहीं दिखती? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम मामले की सुनवाई 19 मई को करेंगे. हम निचली अदालत के आदेश के कुछ हिस्से पर पर रोक लगा देंगे लेकिन अगर कोई शिवलिंग मिला है तो उसका संरक्षण हो. साथ ही मुस्लिमों का भी नमाज अदा करने का अधिकार है. एसजी तुषार मेहता ने कहा कि आप मामले की सुनवाई कल कीजिए. उन्‍होंने कहा कि एक कुआं है, जिसका पानी वज़ूखाना में इस्तेमाल किया जाता है. अगर इसकी अनुमति दी जाती है तो इसके अनपेक्षित परिणाम हो सकते है. इस पर अहमदी ने कहा, ' मुझे प्रस्तावित के आदेश पर आपत्ति है यदि आदेश शिवलिंग पाए जाने की बात होती है, तो इसका उपयोग याचिकाकर्ता अपने लाभ के लिए करेंगे.'

एसजी तुषार मेहता ने कहा, 'जहां बताया गया शिवलिंग मिला है अगर नमाजी वजू के दौरान उसे पैर से छूते हैं तो कानून व्यवस्था की स्थिति हो जाएगी. लिहाजा उस बताए गए शिवलिंग के चारों ओर उस पूरे क्षेत्रफल की मजबूत सीलबंदी और सुरक्षा की जाए. इस पर कोर्ट ने कहा कि अन्य पक्षकार यहां मौजूद नहीं हैं लिहाजा हम समुचित आदेश जारी कर रहे हैं. 

एसजी तुषार मेहता ने कहा, 'जहां बताया गया शिवलिंग मिला है अगर नमाजी वजू के दौरान उसे पैर से छूते हैं तो कानून व्यवस्था की स्थिति हो जाएगी. लिहाजा उस बताए गए शिवलिंग के चारों ओर उस पूरे क्षेत्रफल की मजबूत सीलबंदी और सुरक्षा की जाए. इस पर कोर्ट ने कहा कि अन्य पक्षकार यहां मौजूद नहीं हैं लिहाजा हम समुचित आदेश जारी कर रहे हैं. अहमदी ने कहा कि गुरुवार तक निचली अदालत आगे कोई सुनवाई या आदेश न दे. इस पर कोर्ट ने कहा कि आदेश स्पष्ट है. कोई भी न्यायिक अफसर समझ जाएगा कि क्या करना है? 

Thursday, April 21, 2022

दिल्ली में बीजेपी नेता जीतू चौधरी की गोली मारकर हत्या, बदमाशों ने दागी 6 गोलियां | BCR NEWS


बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपराधी बेखौफ हो गए हैं. जिसका अंदाजा हाल ही में जहांगीरपुरी में हुई हिंसा के बाद अब गाजीपुर थाना इलाके में हुई गोलीबारी से लगाया जा सकता है. बताया जा रहा है कि गाजीपुर थाना इलाके में बदमाशों ने बीजेपी के नेता जीतू चौधरी को गोलियों से भुन कर मौत के घाट उतार दिया है. मिल रही जानकारी के अनुसार बदमाशों ने बीजेपी नेता जीतू चौधरी पर 6 गोलियां दागी हैं. जीतू चौधरी बीजेपी के मयूर विहार जिले के मंत्री थे.

पुलिस सूत्रों का कहना है कि जीतू चौधरी का कंस्ट्रक्शन का व्यवसाय था. उनका किसी ठेकेदार से रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था. माना जा रहा है कि हत्या के पीछे लेन-देन विवाद हो सकता है. मामले में 42 वर्षीय जीतू चौधरी को बुधवार रात करीब 8:15 बजे अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी. वहीं इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. 

पुलिस का कहना है कि उपयुक्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है और बदमाशों को पकड़ने के लिए आगे की जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार बताया जा रहा है कि बुधवार रात करीब  8:15 बजे गाजीपुर पुलिस स्टेशन के बीट स्टाफ ने पेट्रोलिंग के दौरान मयूर विहार इलाके में भीड़ देखी. जिसमें 42 साल के जितेंद्र उर्फ ​​जीतू चौधरी को खून से लथपथ सड़क पर पड़ा देखा गया.

बताया जा रहा है कि जीतू चौधरी पर अज्ञात हमलावरों ने गोली चलाकर घायल कर दिया था. जिसके बाद लोगों ने उन्हें निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया. वहीं अस्पताल में डॉक्टरों ने जीतू चौधरी को मृत घोषित कर दिया. फिलहाल पुलिस का कहना है कि उनकी क्राइम टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया. मौके से कुछ खाली कारतूस और अन्य महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए गए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज की तलाश की जा रही है.