Monday, 28 July 2014

सहारनपुर में दंगे पर अकाल तख्त उग्र, न्याय नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन

सहारनपुर में दंगे पर अकाल तख्त उग्र, न्याय नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (सहारनपुर) जिले के दंगे की आग पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश तक पहुंच गई है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर के बाद अब अकाल तख्त सहारनपुर में दंगे को लेकर उग्र है। अकाल तख्त के मुख्य जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने रविवार को सहारनपुर में पीड़ितों से बातचीत की और उनकी दास्तां सुनी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अभी तक पीड़ितों को कोई राहत नहीं दे पाए हैं। पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने अखिलेश यादव और डीजीपी से बात की है। वे शीघ्र राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत कर पीड़ितों को राहत दिलाएंगे।
ज्ञानी गुरुबचन सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट वह पंजाब के मुख्यमंत्री को देंगे। यदि न्याय नहीं मिला तो सिख समाज उप्र ही नहीं देश में बड़ा आंदोलन करेगा। रविवार को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में पहुंचे अकाल तख्त के मुख्य जत्थेदार के सामने सहारनपुर के सिख समाज ने अपनी पीड़ा सुनाई। उनका कहना था कि चार घंटे तक उपद्रवी तांडव करते रहे, सैकड़ों दुकानें जला दी गई और पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
जिस स्थान पर निर्माण को लेकर दंगा हुआ है, उसकी नींव साढ़े चार पहले बड़े आयोजन के साथ रखी गई थी। यदि लग रहा था कि यह सही नहीं है तो कानून के दायरे में कार्रवाई की जानी चाहिए थी। धार्मिकस्थल पर किसी भी धर्म का व्यक्ति कभी हमला नहीं करता। ऐसा सिर्फ आपराधिक प्रवृति और गुंडा तत्व ही करता है। उन्होंने कहा कि दंगे में अवैध हथियारों का जमकर इस्तेमाल हुआ है। प्रशासन और पुलिस को तलाशी अभियान चलाकर हथियारों का जखीरा बरामद करना चाहिए।

Sunday, 27 July 2014

पुलिस कमिश्नर को भेजी धमकी वाली चिट्ठी "रोक सको तो रोक लो"


पुलिस कमिश्नर को भेजी धमकी वाली चिट्ठी "रोक सको तो रोक लो"
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर 
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (मुंबई) '1993 में तुम्हारी तकदीर ठीक थी इसलिए हमारा मकसद पूरा नहीं हो पाया था। लेकिन इस बार कोई नहीं बचा पाएगा।' टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई पुलिस कमिश्नर को कुछ इसी अंदाज में धमकी भरा खत मिला है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार को मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया को संबोधित करते हुए आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन ने चिट्ठी भेजी है। पुलिस इस खत के सोर्स की शिनाख्त करने में जुट गई है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह खत इंडियन मुजाहिद्दीन की तरफ से ही आया है। खत में राकेश मारिया से कहा गया है इस बार 1993 की तरह चूक नहीं होगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक चिट्ठी का कुछ हिस्सा इंग्लिश में है, बाकी पूरी चिट्ठी हिन्दी में है। चिट्ठी के शुरुआत में ही लिखा गया है, 'रोक सको तो रोक लो इस बार। 1993 में तुम लोगों की तकदीर अच्छी थी।'
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खत पर मुजाहिद्दीन नाम से हस्ताक्षर है। ऐसे में कहा जा रहा है कि यह हरकत इंडियन मुजाहिद्दीन की ही है। इसके बाद से मुंबई पुलिस अलर्ट हो गई है। सभी ऐंटि-टेरर सेल्स को सतर्क कर दिया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडियन मुजाहिद्दीन ने गाजा में इस्राइल की कार्रवाई का बदला लेने की धमकी दी है। एक पेज के इस खत में राकेश मारिया को चुनौती देते हुए कहा गया है कि इस बार नहीं बच पाओगे। हालांकि मुबंई पुलिस कुछ भी साफ कहने से बच रही है कि खत का सोर्स क्या है। फिलहाल पुलिस खत के सोर्स की जांच में जुटी है।

सोहा से जल्दबाजी में हुई सगाई: कुणाल खेमू

सोहा से जल्दबाजी में हुई सगाई: कुणाल खेमू
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
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बीसीआर (मुंबई) बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता कुणाल खेमू का कहना है कि सोहा अली के साथ पेरिस में सगाई करने की उनकी योजना जल्दबाजी में की गई थी।
कुणाल खेमू ने अभी हाल ही में पेरिस में सोहा अली से सगाई की।  कुणाल खेमू का कहना है कि सगाई पूर्व नियोजित थी लेकिन कुछ चीजें उन्होंने जल्दी में की। मैंने कुछ दोस्तों को अपने भरोसे में लिया। लेकिन प्रस्ताव की योजना मैंने सोहा को नहीं बताई थी। 
कुणाल खेमू ने कहा, हम 26-27 दिनों की छुट्टी पर यूरोप गए थे। हम लंदन और रोम सहित कई शहर गए।  पेरिस हमारी यात्रा में शमिल नहीं था। मैंने उसे अपनी यात्रा में जोड़ा। पेरिस में शादी के प्रस्ताव के बाद जब मैंने सोहा को देखा तो मेरे सारी कोशिशों की कीमत अदा हो गई। मैंने पेरिस में उत्साह में आकर सोहा के सामने शादी का प्रस्ताव रखने की योजना बनाई थी। मैं यह करके खुश हूं।
कुणाल खेमू ने कहा, न तो सोहा की मां ने और न ही मेरे माता-पिता ने हमारे रिश्ते पर कोई चिंता जताई। वह हमें खुश देखकर बेहद खुश हैं। सोहा और मैं शादीशुदा युगल की तरह ही हैं। हम पहले से ही शादशुदा जैसा महसूस करते हैं। हम साथ रहते हैं और सामान्य युगल जैसे ही हर चीज साझा करते हैं।

सहारनपुर ह‌िंसा की आंच जम्मू तक पहुंची, राजमार्ग क‌िया बंद

सहारनपुर ह‌िंसा की आंच जम्मू तक पहुंची, राजमार्ग क‌िया बंद
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अजय शास्त्री (सह संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
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बीसीआर (लखनऊ) उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में भड़की भूमि विवाद की आग की आंच जम्मू तक पहुंच गई है। सहारनपुर जिले में हुई दो समुदायों के बीच भड़की हिंसा का असर जम्मू तक देखने को मिला। जम्मू के डिग्याना क्षेत्र में आज सिख समुदाय ने जोरदार प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने काफी देर तक जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद रखा।
राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ज‌िससे वहां से गुजर रहे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जम्मू में प्रदर्शनकारियों ने हिंसा फैलने के लिए यूपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।
गौरतलब है कि सहारनपुर जिले में शनिवार को दो समुदायों के बीच भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी और 25 अन्य घायल हो गए थे। इस घटना के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था। वहीं प्रशासन ने यहपी में उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिए हैं। स्कूलों को 30 जुलाई तक बंद करने की घोषणा कर दी गई है।

अब दिल्ली में भी ई-बाइक लाने की तैयारी

अब दिल्ली में भी ई-बाइक लाने की तैयारी
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अजय शास्त्री (सह संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (नई दिल्ली) ​ ऐतिहासिक और धार्मिक विरासतों से भरी दिल्ली में पर्यटकों को लुभाने की कवायद में परिवहन विभाग जुट गया है। परिवहन विभाग की कोशिश रंग लाई तो राजधानी में आपको जल्द ही ई-बाइक मिलेंगे।
बाइक आपको किराए पर मिलेगी, जिसपर सवार होकर आप आप पूरी दिल्ली की सैर सकते हैं। खास बात यह है कि सफर के दौरान अगर बैट्री डिस्चार्ज हो जाए तो परेशान होने की जरूरत नहीं, क्योंकि आपकी सुविधा के लिए जगह-जगह चार्जर लगे होंगे, जहां महज 10 मिनट में आप अपनी ई-बाइक की बैट्री चार्ज कर फिर सैर पर निकल सकते हैं।
ई-बाइक किराए पर लेने के लिए आपको अपने पहचान प्रमाण पत्र की फोटो प्रति कि साथ सिक्योरिटी मनी भी देनी होगी। इसके बाद ई-बाइक आपको निर्धारित समय के लिए दे दी जाएगी जिसके लिए शुल्क निर्धारित होगा। भारत में यह सुविधा अभी गोवा में है।
प्लानिंग डिपार्टमेंट तैयार कर रहा है योजना ई-बाइक लाने की योजना पर परिवहन विभाग का प्लानिंग डिपार्टमेंट काम कर रहा है और जल्द ही फाइल उपराज्यपाल के पास भेजी जाएगी।
उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद इसे अमली जामा पहनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।  परिवहन विभाग पहले इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पेश करेगा जिसके सफल होने पर पूरी तरह से इसे लागू किया जाएगा। प्रमुख जगहों पर लगाए जाएंगे चार्जर  परिवहन विभाग पूरी दिल्ली के प्रमुख जगहों पर चार्जिंग प्वाइंट लगाएगा। अधिकांश जगह पर्यटक स्थल होंगे। पर्यटक जब तक घुमेगा, तब तक ई-बाइक चार्ज हो जाएगा। चाक-चौबंद सुरक्षा वाले इलाकों में लगाने की योजना है।
आमलोग भी किराए पर ले सकेंगे ई-बाइक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाई जा रही है, लेकिन आम लोग भी इसे किराए पर ले सकेंगे। इसके लिए अलग से कोई खास प्रक्रिया नहीं है।

प्रियंका के बेटे रेहान को गोद लेंगे राहुल

प्रियंका के बेटे रेहान को गोद लेंगे राहुल
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
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बीसीआर (नई दिल्ली) ​क्या राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका के बेटे रेहान वाड्रा को गोद ले रहे हैं? नेहरू-गांधी परिवार के राजनीतिक उत्तराधिकारी से जुड़ा यह सवाल इन दिनों कांग्रेस नेताओं के बीच जोर पकड़ रहा है। कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच चर्चा है कि रेहान को गोद लेकर राहुल उनके साथ गांधी सरनेम का इस्तेमाल भविष्य के लिए करना चाहते हैं। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून के दून स्कूल में कुछ समय पहले एडमिशन लेने वाले रेहान वहां अपने नाम के साथ गांधी सरनेम लगा रहे थे, लेकिन साथी छात्रों ने जब इसकी वजह जाननी चाही तो उन्होंने वाड्रा सरनेम लगाना शुरू कर दिया।
रेहान को गोद लेने की अटकलें उस वक्त और तेज हो गईं जब राहुल पिछले साल उत्तराखंड में बाढ़ से हुई तबाही के बाद राज्य के दौरे पर थे। इस दौरान राहुल रेहान को स्कूल से बाहर आऊटिंग पर ले गए थे। मामा-भांजा एक-दूसरे को काफी पसंद करते हैं। कांग्रेस के एक सूत्र ने दावा किया कि स्कूल के रिकार्ड में राहुल का नाम ही रेहान के गाॢडयन के तौर पर दर्ज है। परिवार को मिली खास सुरक्षा की वजह से इसे बेहद गोपनीय ढंग से रखा गया है। 14 साल के रेहान का नाम हाल ही में उस वक्त सुर्खियों में आया जब वह दोस्तों के साथ संसद पहुंचे थे। स्पीकर गैलरी में उन्होंने लोकसभा की कार्रवाई को देखा। गौरतलब है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल अभी अविवाहित हैं और निकट भविष्य में उनकी विवाह की कोई योजना भी नहीं है। हालांकि, राहुल की कुछ महिलाओं से दोस्ती की खबरें सामने आती रही हैं। इनमें एक दिवंगत राष्ट्राध्यक्ष की बेटी और दक्षिण भारतीय फिल्मों की एक अभिनेत्री भी शामिल हैं।

फिल्म "लव इज़ लाइफ" की शूटिंग आरम्भ

फिल्म "लव इज़ लाइफ" की शूटिंग आरम्भ
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रचना शर्मा (सह संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (नई दिल्ली) ​यूवीए फिल्म्स के बैनर तले डायरेक्टर-प्रोड्यूसर वीके शर्मा ने राजधानी दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित चिलआऊट लाऊंज में अपनी फिल्म "लव इज़ लाइफ" की शूटिंग आरम्भ की। मुहूर्त शॉट के समय फिल्म निर्माता रमेश बजाज, धर्मेंदर, अजय शास्त्री ​ ​(संपादक, बॉलीवुड सिने रिपोर्टर), सुभाष जी बैंकवाले, वीरेंदर सिंघाल, यूवीए फिल्म्स के निर्माता सुरेंदर गुप्ता आदि उपस्थित थे।  वीके शर्मा ने बताया कि फिल्म की कहानी आज के कॉलेज स्टूडेंट्स के जीवन और समाज में फैले नशे की लत को लेकर है। युवाओं में तेज रफ़्तार से गाडी चलाने की आदत को भी सुधारने के लिए यह फिल्म कोशिश करती दिखेगी। फिल्म "लव इस लाइफ" में कुछ विदेशी कलाकार भी काम कर रहे हैं। फिल्म "लव इज़ लाइफ" जल्दी ही पूरी हो जायेगी और उम्मीद है कि यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ लोगों में सामाजिक सन्देश देने में सफल रहेगी।

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Saturday, 26 July 2014

दो दिन में 11 लाख व्यवसाय किया ‘सजना मंगिया सजाई दऽ हमार’



दो दिन में 11 लाख व्यवसाय किया ‘सजना मंगिया सजाई दऽ हमार’
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर 
Email: editorbcr@gmail.com
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मैनास प्रोडक्शन के बैनर तले बनी निर्माता हलचल सिंह की फिल्म ‘सजना मंगिया सजाई दऽ हमार’ दूसरे दिन में लगभग 11 लाख रुपये का व्यवसाय किया है. सजना मंगिया सजाई दऽ हमार को एक अच्छी शुरूआत मिली है. ‘यू’ सर्टिफिकेट वाली इस फिल्म को दर्शकवर्ग बहुत पसंद कर रहे हैं. दर्शक सिनेमाघर से निकलने के बाद यह हि रहे हैं कि बहुत दिन बाद एक साफ सुथरी फिल्म देखने को मिल रही है. दर्शकों का फिल्म के प्रति प्यार और स्नेह से हीं सजना मंगिया सजाई दऽ हमार का व्यवसाय पहिले दिन 5 लाख 53 हजार 994 रूपया जबकि दूसरे दिन 5 लाख 37 हजार 817 रूपया रहा. यह एक बड़ी बात है कि किसी भी भोजपुरी फिल्म के निर्माता अपने फिल्म का व्यवसाय सार्वजनिक नहीं करते हैं. लेकिन निर्माता हलचल सिंह यह कह कर अपने फिल्म का व्यवसाय सार्वजनिक किये हैं कि हमारे सभी भोजपुरिया भाई-बहन जितना फिल्म को दो दिनों में प्यार और स्नेह दिये हैं. मैं चाहुंगा कि आगे भी देते रहेंगे. सजना मंगिया सजाई दऽ हमार फिल्म में निर्देशन की बागडोर निर्देशक ओम प्रकाश यादव ‘ओम जी’ संभाले हैं. जबकि फिल्म के मुख्य कलाकारों में अरविन्द अकेला ‘कल्लूजी’, नेहा श्री, रविराज दीपू, अर्चना सिंह, मनोज टाईगर, बालेश्वर सिंह, सीपी भट्ट, शफीक रंगरेज, प्रीती सिंह, अमित कुमार, जावेद रहमान, उमेश सिंह, सुनीता शर्मा, चन्दन कश्यप और सुरेन्द्र पाल की मौजूदगी है.

फिल्म समीक्षा: किक ****

फिल्म समीक्षा: किक ****
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फिल्म समीक्षक : अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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कलाकार: सलमान खान, जैकलीन फर्नांडीज, रणदीप हुड्डा, नवाजुद्दीन सिद्दिकी और मिथुन चक्रवर्ती।
निर्देशक: साजिद नाडियाडवाला
संगीतकार: हिमेश रेशमिया, मीत ब्रदर्स, यो यो हनी सिंह।
रेटिंग: चार 
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बीसीआर (मुंबई) आपने सुना होगा कि कुछ फिल्में समीक्षाओं के परे होती हैं। सलमान खान  कि ये फिल्म तेलगु फिल्म का वर्जिन है. सलमान खान की लोकप्रियता का यह आलम है कि अगर कोई उनके नाम की डाक्यूमेंट्री बना दे तो भी उनके फैन उसे देखने जाएंगे। मूल तेलुगू में 'किक' देख चुके दर्शक बता सकेगे कि हिंदी की 'किक' कितनी भिन्न है। सलमान खान ने इस 'किक' को भव्यता जरूर दी है। फिल्म में हुआ खर्च हर दृश्य में टपकता है।
देवी अलग स्वभाव का लड़का है। इन दिनों हिंदी फिल्मों के ज्यादातर नायक अलग ही होते हैं। अत्यंत प्रतिभाशाली देवी वही काम करता है, जिसमें उसे किक मिले। इस किक के लिए वह अपनी जान भी जोखिम में डाल सकता है। एक दोस्त की शादी के लिए वह हैरतअंगेज भागदौड़ करता है। इसी भागदौड़ में उसकी मुलाकात शायना से हो जाती है। शायना उसे अच्छी लगती है। देवी उसके साथ बूढ़ा होना चाहता है। शायना चाहती है कि देवी किसी नियमित जॉब में आ जाए। उधर देवी की दिक्कत है कि हर नए काम से कुछ ही दिनों में उसका मन उचट जाता है। शायना उसे टोकती है। उसकी एक बात देवी को लग जाती है। इसके बाद वह किक के लिए देवी से डेविल में बदल जाता है। डेविल और पुलिस अधिकारी हिमांशु की अलग लुकाछिपी चल रही होती है। इनके बीच भ्रष्ट नेता और उसका भतीजा भी है।
रोमांस, एक्शन, चेज, कॉमेडी, सॉन्ग एंड डांस और इमोशन से भरपूर 'किक' से साजिद नाडियाडवाला केवल सलमान खान के प्रशंसकों को खुश करने की कोशिश में हैं। फिल्म के सभी सीनों को इस तरह फिल्माया गया है कि कैमरा आखिरकार हर बार सलमान पर आकर ठहर जाता है। अगर कभी दूसरे किरदार पर्दे पर दिखते हैं तो वे भी देवी या डेविल की ही बातें कर रहे होते हैं। हिंदी फिल्मों में स्क्रिप्ट लेखन का यह खास कौशल है, जो पॉपुलर स्टार की फिल्मों में आजमाया जाता है। एकांगी होने से बचते हुए ढाई घंटे की ऐसी स्क्रिप्ट तैयार करने में अलहदा मेहनत लगती है। 'किक' जैसी फिल्मों का एकमात्र उद्देश्य आम दर्शकों का मनोरंजन करना है। आम दर्शक अपने परिवार के सदस्यों के साथ उसका आनंद उठा सकें।
'किक' अपनी इन सीमाओं और खूबियों में कहीं बिखरती और कहीं प्रभावित करती है। इंटरवल के पहले का विस्तार लंबा हो गया है। देवी और उसके पिता के रिश्ते को स्थापित करने वाले दृश्य नाहक खींचे गए हैं। इसी तरह नायक-नायिका की मुलाकात के दृश्य में दोहराव है। हम दशकों से ऐसी छेड़खानियां और बदमाशियां देखते आए हैं। अगर फिल्म के नायक सलमान खान हैं तो सीधे व सामान्य की उम्मीद ही नहीं करनी चाहिए। देवी और डेविल की हरकतों में कई बार लॉजिक की परवाह नहीं की गई है, लेकिन क्या सलमान खान के प्रशंसक इन पर गौर करते हैं? बेहतर है कि दिल में आने वाले इस नायक को समझने में दिमाग न लगाया जाए।
'किक' में सलमान खान पूरे फॉर्म में हैं। उम्र चेहरे और शरीर पर दिखती है, लेकिन ऊर्जा में कोई कमी नहीं है। सलमान ने एक्शन के दृश्यों में आवश्यक फुर्ती दिखाई है। रोमांस और डांस का उनका खास अंदाज यहां भी मौजूद है। सलमान खान की इस फिल्म में रणदीप हुडा और नवाजुद्दीन सिद्दिकी अपनी उपस्थिति दर्ज करते हैं। रणदीप हुड्डा ने पुलिस अधिकारी हिमांशु के किरदार में स्फूर्ति बरती है। कुछ दृश्यों में वे अवश्य लड़खड़ा गए हैं। नवाज की तारीफ करनी होगी कि चंद दृश्यों के अपने किरदार का उन्होंने अदायगी से यादगार बना दिया है। चटखारे लेकर उनके बोलने के अंदाज की नकल होगी। जैकलीन फर्नांडीज के लिए कुछ डांस स्टेप्स और रोमांस के सीन थे। उनमें वह जंचती हैं। संवाद अदायगी और नाटकीय दृश्यों के लिए उन्हें और मेहनत करनी होगी। सौरभ शुक्ला, मिथुन चक्रवर्ती, विपिन शर्मा और संजय मिश्रा अपनी भूमिकाओं में उपयुक्त हैं।
ईद के मौके पर सलमान खान और साजिद नाडियाडवाला की पेशकश 'किक' आम दर्शकों का ध्यान में रख कर बनाई गई सलमान खान की विशेषताओं की फिल्म है।

बालेश्वर सिंह का जन्मदिन फिल्म के सेट पर धूमधाम से मनाया गया

बालेश्वर सिंह का जन्मदिन फिल्म के सेट पर धूमधाम से मनाया गया
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (मुंबई) अभिनेता बालेश्वर सिंह का जन्मदिन 18 जुलाई के शुभ दिन पर भोजपुरी फिल्म - बलम रसिया के सेट पर धूमधाम से मनाया गया। निर्देशक - शिवम कुमार के निर्देशन में परी सिंघानिया की निर्माण कम्पनी द्वारा निर्मित की जा रही भोजपुरी फिल्म - बलम रसिया की शूटिंग गुजरात स्थित राजपीपला के रमणीय स्थल पर  इन दिनों जोर शोर से चल रही है। इस फिल्म  नायक - यश कुमार और नायिका - अंजना सिंह सहित नायिका - परी सिंघानिया व खलनायक - संजय पाण्डेय, फिल्म निर्माता - दीपक शाह, निर्देशक - शिवम कुमार इत्यादि  ने बालेश्वर सिंह के जन्मदिन का केक काटकर ढेर सारी बधाइयाँ दिये। फिल्म की पूरी यूनिट ने मिलकर बालेश्वर सिंह के जन्मदिन को यादगार बना दिया। सभी लोगों का बालेश्वर सिंह ने तहेदिल से आभार प्रकट किया। 

बालेश्वर सिंह ने बताया कि  हमारी भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपर स्टार नायक - यश कुमार का मैं तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूँ, जिन्होंने फिल्म सेट पर सरप्राइज देते हुए पूरी यूनिट के बीच मेरा बर्थडे केक काटकर मेरे जन्मदिन को और भी यादगार बना दिए। 

Friday, 25 July 2014

लीजेण्ड्री गायिका आशा भोंसले ने साझा किये अपने अनुभव

अवर्णा जैन के नेतृत्व में वाय.एल.एफ.ओ. द्वारा आयोजित आशा जी - ए ब्रिमफुल आॅफ मैजिक
लीजेण्ड्री गायिका आशा भोंसले ने साझा किये अपने अनुभव
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-रचना शर्मा- (सह संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (नई दिल्ली) फिक्की के अन्तर्गत युवा महिलाओं को समर्पित यंग फिक्की लेडीज़ आॅर्गनाईजेशन (वाय.एल.एफ.ओ.) द्वारा अपनी नयी अध्यक्ष अवर्णा जैन के नेतृत्व में आगामी वर्ष हेतु अपना शुरूआती कार्यक्रम आशा जी - ए ब्रिमफुल आॅफ मैजिक का आयोजन किया। कनाॅट प्लेस स्थित ललित होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में लीजेण्ड्री गायिका श्रीमति आशा भोंसले बतौर गेस्ट आॅफ आॅनर उपस्थित थीं। उनके अतिरिक्त सेलीबे्रटेड आर.जे. सायमा रहमान, श्रीमति नीता बूचरा, इतिवा चोपड़ा आदि भी मौके पर उपस्थित थे।
इस अवसर पर उपस्थित मेहमानों व अन्य को सम्बोधित करते हुए अवर्णा जैन ने बताया कि यंग फिक्की लेडीज़ आॅर्गनाइजेशन की चेयर पर्सन बनकर काफी अच्छा व गौरवपूर्ण महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति परिवर्तन लाने में पूर्णतया सक्षम है और मुझे उम्मीद है कि जिस तरह से वूमन एम्पाॅवरमेंट हेतु वाय.एफ.एल.ओ. ने अभी तक सशक्त भूमिका निभायी है और जो जिम्मेदारी मुझे दी गयी है उस पर मैं खरी उतर पाऊँ। अवर्णा ने बताया कि इस वर्ष हमारी थीम है ‘एम्बार्क, एन्ड्योर, एमर्जः ए न्यू इंडिया’, जो आज के भारतीय युवाओं की भावनाओं को प्रतिध्वनित करता है। उन्होंने बताया आगामी वर्ष में हम हर स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में काम करेंगे, जिनमें बेहतर ज्ञान, कौशल और विचारों के साथ उनको सशक्त बनाना प्रमुख रहेगा। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से हम अपने सदस्यों को समृद्ध करने के लिए प्रयास करेंगे साथ ही सदस्यों को फाइनेंस व प्रबन्धन क्षेत्र में अपना कौशल सुधारने का भी अवसर देंगे।
इस मौके पर श्रीमति आशा भोंसले ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण अनुभव साझा किये। उन्होंने बताया कि शुरूआती दौर में मैंने भी काफी कठिनाईयों का सामना किया। यहां काफी स्थापित गायक थे ऐसे में उनको चुनौति देना कठिन था इसलिए मैंने खुद को बदलने के विषय में सोचा और गायन शैली में बदलाव करते हुए मैंने नई शुरूआत की। अवर्णा जैन को शुभकामनायें देते हुए श्रीमति भोंसले ने कहा कि यह युवा हैं, नया जोश है और युवा जोश परिवर्तन लाने में सक्षम है, शुरूआती दौर में हो सकता है कठिनाईयों का सामना इन्हें करना पड़े लेकिन समय के साथ सुदृढ़ होते हुए यह अपने काम को बखूबी अंजाम दे पायेंगी। आशा जी ने कहा कि आज के दौर और हमारे दौर में काफी परिवर्तन आ चुका है, आज मधुर संगीत की कमी है, आइटम सांग का दौर हावी है परन्तु इनके बीच भी राहत फतेह अली खान जैसे गायक अच्छे गाने श्रोताओं को दे पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मैंने अपने 81 वर्ष के जीवन में विभिन्न पड़ाव देखे हैं और मेरा एक लक्ष्य है कि मेरी पोती भी पाश्र्व गायन में आयें। क्योंकि उसकी आवाज़ में बहुत मिठास है और वह अच्छा गाती है मैं उसकी आवाज़ में अपना और लता दीदी का मिश्रण महसूस करती हूं। आशा ताई ने अपनी मधुर आवाज़ में ‘इन आंखों की मस्ती के..’ गीत की कुछ पंक्तियां प्रस्तुत करके वाय.एफ.एल.ओ. के इस कार्यक्रम को अद्भुत व यादगार बनाया।

'हेट स्टोरी -2' पर विधानसभा ने लगाई बैन की मांग

'हेट स्टोरी -2' पर विधानसभा ने लगाई बैन की मांग
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-अजय शास्त्री- (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (नई दिल्ली) हाल ही में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हुई बोल्ड सींस वाली फिल्म 'हेट स्टोरी 2 'जहां  दर्शकों को बेहद पसंद आ रही हैं वहीं कर्नाटक विधानसभा में इस फिल्म पर बैन लगाने की मांग हुई है। इस फिल्म में जय भानुशाली और सुवरीन चावला मुख्य भूमिका में हैं।
दरअसल कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को जनता दल सेक्युलर के विधायक वाईएसवी दत्ता ने कहा, 'हेट स्टोरी' का प्रदर्शन रुकना चाहिए क्योंकि फिल्म के उत्तेजक दृश्य महिलाओं के खिलाफ अपराध को भड़काने वाले हैं। इससे बलात्कार जैसी वारदातों को बढ़ावा मिलता है।


इस पर जवाब देते हुए गृहमंत्री राज्यमंत्री केजे जॉर्ज का कहना है कि वे पुलिस कमिश्नर को फिल्म के बोल्ड सीन्स की जांच करके रिपोर्ट दाखिल करने की निर्देश दे चुके हैं। बतौर दत्ता इस रिपोर्ट के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।

Thursday, 10 July 2014

फिल्म समीक्षा: हंप्टी शर्मा की दुल्हनिया


फिल्म समीक्षा: हंप्टी शर्मा की दुल्हनिया
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फिल्म समीक्षक : -अजय शास्त्री-
(संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर 
Email: editorbcr@gmail.com
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कलाकार : वरूण धवन, आलिया भट्ट, सिद्धार्थ शुक्ला, आशुतोष राणा
निर्माता : हीरू जौहर, करण जौहर
निर्देशक : शशांक खेतान
संगीत : सचिन—जिगर, शारिब—तोशी
स्टार :  ३ स्टार 
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बीसीआर (नई दिल्ली) इस फिल्म की कहानी काफी हद तक फिल्म 'दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे' से मेल खाती है परन्तु ऐसा भी नहीं है कि कहानी में नयापन न हो फिल्म मै काफी हद तक नयापन देखने को मिलेगा। इसके लिए डायरेक्टर शशांक खेतान की सराहना करनी होगी कि उन्होंने कहानी को बेहतरीन ढंग से पेश किया है। इस फिल्म की जान फिल्म के डायलॉग और गाने है, जो अंत तक दर्शकों को बांधे रखते है। वरूण धवन व आलिया भट्ट की जबरदस्त कैमिस्ट्री इस फिल्म की यूएसपी है।
कहानी : राकेश शर्मा उर्फ हंप्टी शर्मा (वरूण धवन) दिल्ली में रहने वाला मस्तमौला लड़का है तथा वह जुगाडू किस्म का इंसान है। हंप्टी अपने पिता की दुकान पर पिता का हाथ बंटाता है। वहीं काव्या प्रताप सिंह (आलिया भट्ट) अम्बाला में रहती है तथा अपनी शर्तों पर जीने वाली लड़की है। काव्या की डेढ़ महीने बाद शादी होनी है तथा उसकी शर्त है करीना कपूर का कीमती लहंगा, जो उसे शादी में पहनना है। लहंगा लेने के लिए काव्या अपने मामा के यहां दिल्ली चली जाती है और वहीं उसकी मुलाकात हंप्टी से होती है। हंप्टी से पहले तो उसकी नोंक—झोंक होती है परन्तु हंप्टी उसकी सहायता करता है। हंप्टी और काव्या का मेल—जोल बढ़ने लगता है तथा दोनों एक—दूसरे के प्यार में गिरफ्त हो जाते हैं। परन्तु काव्या अपने पिता का दिल नहीं तोड़ना चाहती तथा एनआरआई लड़के अंगद बेदी (सिद्धार्थ शुक्ला) से शादी के लिए तैयार हो जाती है। उधर हंप्टी अपना प्यार पाने के लिए अम्बाला चला आता है और काव्या के पिता से मिलता है। अब काव्या के पिता हंप्टी के सामने ऐसी शर्त रखते हैं कि हंप्टी के होश उड़ जाते हैं। क्या है वो शर्त ? क्या हंप्टी को काव्या मिल पाएगी ? यह सब तो आपको हंप्टी शर्मा या उसकी दुल्हनिया ही बता सकते हैं और इसके लिए आपको सिनेमा का रूख करना होगा।
अभिनय : वरूण धवन हंप्टी शर्मा के किरदार में जमे हैंं तथा उनका अभिनय काबिल—ए—तारीफ है। आलिया भट्ट ने भी जबरदस्त अभिनय किया है। सिद्धार्थ शुक्ला की यह डेब्यू फिल्म हैं परन्तु उन्होंने अपने किरदार को शत प्रतिशत निभाया है। सिद्धार्थ अपनी छाप छोड़ने में पूरी तरह कामयाब रहे हैं। आशुतोष राणा ने भी अपने किरदार को पूरी तरह से निभाया है।
डायरेक्शन : डायरेक्टर शशांक खेतान की यह पहली डायरेक्टोरियल फिल्म है। शशांक ने सभी किरदारों से बखूबी काम लिया है।
संगीत : सचिन—जिगर व शारिब—तोशी का संगीत कर्णप्रिय है। फिल्म के गाने 'सेटरडे—सेटरडे' व 'तेनू समझावां' श्रोताओं की जुबां पर सुने जा सकते हैं।
निष्कर्ष : यह फिल्म आपको कभी गुदगुदाएगी तो कभी रुलाएगी. कुल मिलाकर इस सप्ताह आप हंप्टी शर्मा व उसकी दुल्हनिया से नि:संकोच मिलने जा सकते हैं। यह आपको निराश नहीं करेंगे। आप थिएटर से हँसते हुए ही बहार आएंगे ये हमारा आपसे वादा है, इस लिए मै इस फिल्म को ३ स्टार देता हूँ.

यूपी के सहारनपुर में जन्मी मशहूर अदाकारा जोहरा सहगल पांच तत्वों में लीन

यूपी के सहारनपुर में जन्मी मशहूर अदाकारा जोहरा सहगल पांच तत्वों में लीन
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-अजय शास्त्री-
(संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर 
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (नई दिल्ली) बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा जोहरा सहगल का निधन हो गया है. वह 102 वर्ष की थीं. 1912 में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जन्मी जोहरा सहगल ने डांसर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद बॉलीवुड में अपने लिए अनोखा मकाम हासिल किया.
जोहरा सहगल ने दिल्‍ली के मैक्स अस्पताल में शाम करीब 4:30 बजे अंतिम सांस ली. उनकी बेटी किरण ने बताया, ‘दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. वे पिछले तीन-चार दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं.’

शुक्रवार को दिन में 11 बजे दिल्‍ली के लोधी रोड शमशान घाट पर जोहरा का अंतिम संस्कार किया जाएगा. रात के समय मशहूर इतिहासकार इरफान हबीब ने ट्वीट करके जोहरा के निधन की जानकारी साझा की. उन्होंने कहा, ‘इसकी अभी अभी पुष्टि हुई है कि जोहरा आपा अब नहीं रहीं.’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘जोहरा सहगल के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ. वे अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने वाली महिला थीं. कला व संस्कृति के क्षेत्र को बड़ा नुकसान है.’
जोहरा सहगल का जन्म सन 1912 में यूपी के सहारनपुर में हुआ था. जोहरा ने अपने करियर की शुरुआत 1935 में बतौर डांसर उदय शंकर के साथ की थी. जोहरा ने 1946 में पहली फिल्म ‘धरती के लाल’ में अभिनय किया, लेकिन 80 साल की उम्र के बाद उन्होंने कई फिल्मों में यादगार भूमिकाएं कीं. जोहरा को 1998 में पद्मश्री और 2010 में पद्म विभूषण से नवाजा जा चुका है.
जिस उम्र में ज्यादातर कलाकार अभिनय को अलविदा कह देते हैं ऐसे दौर में जोहरा युवा कलाकारों के साथ कदमताल करती हुई दिखीं. जोहरा 20 साल की उम्र में उस समय के समाज की तमाम वर्जनाओं को तोड़ते हुए डांस सीखने जर्मनी पहुंच गईं. वहां वे 1935 में उदय शंकर से मिलीं. उदय शंकर के बैले में डांसर के तौर पर पूरी दुनिया को नाप डाला.

बॉलीवुड में उन्होंने पृथ्वीराज कपूर से लेकर रणबीर कपूर तक के साथ काम किया. 'सांवरिया', 'चीनी कम', 'हम दिल दे चुके सनम', 'दिल से', 'बैंड इट लाइक बैकहम', 'साया', 'वीर-जारा', 'मिस्ट्रेस ऑफ स्पाइसेज' जैसी फिल्मों में जोहरा की चुलबुली एक्टिंग को नई पीढ़ी के लोगों ने भी देखा और सराहा.
वह ‘इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन’ की सदस्य थीं और वर्ष 1946 में अपनी पहली फिल्म प्रोडक्शन ‘धरती के लाल’ के जरिये रूपहले पर्दे पर पदार्पण किया. उन्होंने चेतन आनंद की फिल्म ‘नीचा नगर’ में भी काम किया. वर्ष 2012 में बेटी किरन ने ‘जोहरा सेहगल: फैटी’ नाम से जोहरा की जीवनी लिखी.
ओडिशी नृत्यांगना किरन ने दुख जताते हुए कहा कि अपने अंतिम दिनों में उनकी मां को सरकारी फ्लैट तक नहीं मिला, जिसकी उन्होंने मांग की थी.
उन्होंने कहा, ‘वह जिंदादिली और ऊर्जा से हमेशा लबालब रहती थीं. मैं अभी विचित्र मन:स्थिति में हूं.. लेकिन यह ज्यादा दर्दनाक है कि उनके अंतिम दिनों में, उन्होंने एक सरकारी फ्लैट मांगा था जो उन्हें नहीं मिला.’ इस बीच, जोहरा के निधन की खबर फैलने पर फिल्म जगत ने ट्विटर की मदद से शोक व्यक्त किया.
अभिनेता अमिताभ बच्चन ने लिखा, ‘जोहरा सहगल का 102 वर्ष की उम्र में निधन हो गया.. क्या दौर रहा, वह कितनी प्यारी सहअभिनेत्री थीं. मैं उनकी आत्मा की शांति की कामना करता हूं.’ केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और "बॉलीवुड  सिने रिपोर्टर" के संपादक अजय शास्त्री ने भी इस महान अदाकारा के निधन पर संवेदना व्यक्त की.

फिल्म रिव्यू: बॉबी जासूस

फिल्म रिव्यू: बॉबी जासूस
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-अजय शास्त्री-
(संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर 
Email: editorbcr@gmail.com
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कलाकार: विद्या बालन और अली फैजल
निर्देशक: समर शेख
संगीतकार: शांतनु मोइत्रा
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स्‍टार: तीन स्टार 
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अवधि:121 मिनट
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बीसीआर (मुंबई) 'बॉबी जासूस' का निर्माण दिया मिर्जा ने किया है। निर्देशक समर शेख हैं। यह उनकी पहली फिल्म है। उनकी मूल कहानी को ही संयुक्ता चावला शेख ने पटकथा का रूप दिया है। हैदराबाद के मुगलपुरा मोहल्ले के बिल्किश की यह कहानी किसी भी शहर के मध्यवर्गीय मोहल्ले में घटती दिखाई पड़ सकती है। हैदराबाद छोटा शहर नहीं है, लेकिन उसके कोने-अंतरों के मोहल्लों में आज भी छोटे शहरों की ठहरी हुई जिंदगी है। इस जिंदगी के बीच कुलबुलाती और अपनी पहचान को आतुर अनेक बिल्किशें मिल जाएंगी, जो बॉबी जासूस बनना चाहती हैं। मध्यवर्गीय परिवार अपनी बेटियों को लेकर इतने चिंतित और परेशान रहते हैं कि उम्र बढ़ते ही उनकी शादी कर वे निश्चिंत हो लेते हैं। बेटियों के सपने खिलने के पहले ही कुचल दिए जाते हैं। 'बॉबी जासूस' ऐसे ही सपनों और शान की ईमानदार फिल्म है।
बिल्किश अपने परिवार की बड़ी बेटी है। उसका एक ही सपना है कि मोहल्ले में उसका नाम हो जाए। वह जासूसी की दुनिया में मैदान मारना चाहती है। करमचंद उसने देख रखा है। सीआईडी देखती रहती है। जासूसी का काम उसके अब्बा को कतई नापसंद है। वे उम्मीद हार चुके हैं। उन्हें लगता है और यह हमें दिखता भी है कि बेटी को अम्मी का समर्थन और विश्वास हासिल है। बिल्किश कोशिश करती है। उसे पेशेवर जासूसों का प्रोत्साहन नहीं मिलता। उसके हाथ कोई केस भी नहीं आता। अचानक एक दिन एक अमीर उसे एक लड़की की खोज के लिए मोटी रकम एडवांस में देता है। वह सफल होती है। उसे उसी अमीर आदमी से और केस मिलते हैं। सब कुछ अच्छा चल रहा है, तभी उसे संदेह होता है कि अपने शौक और सपनों में कहीं वह कुछ गलत तो नहीं कर बैठी। यहां एक रहस्य बनता है। लेखक-निर्देशक इस रहस्य को बनाए रखने में सफल होते हैं। कामयाबी और जीतने की जिद के साथ बिल्किश अपने दोस्तों के साथ लगी रहती है। इस कोशिश और अभियान में हम उस मोहल्ले के अंतर्विरोधों और सोच से वाकिफ होते हैं। साथ में बाप-बेटी के रिश्ते का अनकहा पहलू भी चलता है, अंत में उजागर होता है।
'बॉबी जासूस' की नायिका विद्या बालन हैं। फिल्मी भाषा में यह फिल्म उनके सबल कंधों पर टिकी है। वह अपनी मजबूत परफॉरर्मेंस से इसे अंत तक निभा ले जाती हैं। उन्हें इसमें सहयोगी कलाकारों का पूरा समर्थन मिला है। विद्या बालन की अनेक खूबियों में एक खूबी यह भी है कि वह रूप और गेटअप बदलते समय अपने रंगरूप की परवाह नहीं करतीं। अनेक दृश्यों में निर्देशक ने उन्हें वास्तविकता की हद तक नैचुरल रखा है। दोस्त, प्रेमी और पति तसव्वुर की क्रमवार भूमिका में अली फजल ने विद्या बालन का समुचित साथ निभाया है। इस फिल्म में राजेन्द्र गुप्ता का अभिनय उल्लेखनीय है। सहयोगी भूमिकाओं में सिद्ध कलाकारों को सीन मिल जाएं तो उनकी प्रतिभा के दर्शन होते हैं। किरण कुमार, आकाश दहिया और प्रसाद बर्वे अपनी भूमिकाओं में जंचते हैं। 'बॉबी जासूस' में सुप्रिया पाठक, तन्वी आजमी और जरीना वहाब के हिस्से ठोस दृश्य नहीं आ सके हैं। ऐसा लग सकता है कि उनकी मौजदूगी के साथ न्याय नहीं हो सका। मुमकिन है निर्देशक ने उन्हें इतनी ही भूमिकाओं के लिए ही चुना हो।
फिल्म में कुछ कमियां भी हैं। बिल्किश की खोजबीन दो प्रसंगों में थोड़ी लंबी हो गई है। फिल्म यहां कमजोर पड़ती है, लेकिन बाद की घटनाओं और कलाकारों के परफॉर्मेंस से उनकी भरपाई सी हो जाती है। बिल्किश और तसव्वुर का रोमांटिक गाना भी फिल्म की थीम में चिप्पी लगता है। अगर ये कमियां नहीं रहतीं तो 'बॉबी जासूस' का प्रभाव और ऊंचाई तक पहुंचता। यह 21 वीं सदी का मुस्लिम सोशल है,जो आज की सच्चाइयों का चित्रण करती है। मेरी तरफ से इस फिल्म को 3 स्टार. 

वीरदास ने अपने ब्रेक अप के निजी अनुभवो को "अमित सहानी की लिस्ट में दर्शाया

वीरदास ने अपने ब्रेक अप के निजी अनुभवो को "अमित सहानी की लिस्ट में दर्शाया
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अजय शास्त्री
(संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (नई दिल्ली) आगामी रोम - कॉम फिल्म अमित सहानी की लिस्ट" इस फिल्म में वीर का किरदार को ऐसे दिखया गया है की एक दिन वह ७५ बातो की लिस्ट बनाकर आधी रात को गर्लफ्रेंड के दरवाजे पर आ धमकते है , क्यूंकि उन्हें यह पता चलता है की उनकी प्रेमिका ने उन्हें धोका दिया है।
मजेदार बात तो यह है की यह सीन खुद वीरदास ने ही लिखा हुआ है , जो की उनके भुतकाल के अनुभव है। वीर कहते है " जब में कॉलेज में था तब एक लड़की से प्यार करता था तब मेने एक लिस्ट बनायीं थी जिस में ७५ कारन लिखे थे की में उसे प्यार क्यूँ करता हु और यह लिस्ट उसे दिखाने के लिए मध्य रात्री उसके दरवाजे पर जा धमका था। वह लिस्ट उसने पढ़ना शुरू किया और १७ वे कारण तक पहुँचते ही हमारा ब्रेक अप होगया। यह मेरे लिए अच्छा नहीं रहा इस कहानी का अभिप्राय यह रहा की लिस्ट खतरनाक होती है।


पिक्सिस पिचर्स निर्मित अजय भुयान निर्देशित तथा वीरदास , वेगा तमोटिआ ,अनंदिता नायर और कवी शास्त्री अभिनीत "अमित सहानी की लिस्ट" यह फिल्म १८ जुलाई को सभी सिनेमा घरो में प्रदर्शित होगी।

Wednesday, 9 July 2014

संघ की पसंद अमित शाह बने बीजेपी के शहंशाह

संघ की पसंद अमित शाह बने बीजेपी के शहंशाह
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-अजय शास्त्री-
संपादक- "बॉलीवुड सिने रिपोर्टर"
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (नई दिल्ली) लंबे कयासों और चर्चाओं के बाद भाजपा को आज अपना नया अध्यक्ष मिल गया है। संघ और पार्टी की सहमत‌ि के बाद अम‌‌ित शाह को पार्टी का नया अध्यक्ष घोष‌ित कर द‌िया गया।
गृहमंत्री राजनाथ स‌िंह ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर इस बात की घोषणा की। राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद की दौड़ में अमित शाह के अलावा कई और नाम भी थे। शाह के अलावा ह‌िमाचल से राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा का नाम भी चर्चा में था।


भारतीय जनता पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में शाह के नाम पर मुहर लगी। राजनाथ ने शाह के नाम की घोषणा करने से पहले जमकर तारीफ की।

Tuesday, 8 July 2014

फिल्में, मनोरंजन और मस्ती की पाठशाला

फिल्में, मनोरंजन और मस्ती की पाठशाला
दिल्ली में अद्भुत अनुभव देकर अन्य शहरों की यात्रा पर अग्रसर हुआ फिल्म समारोह!!
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर 
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (नई दिल्ली, 9 जुलाई) सिनेमा समाज का आईना है और हर व्यक्ति अच्छे व अर्थपूर्ण सिनेमा को तवज्जो देता है। एक ऐसा सिनेमा जो लोगों को बदल सके और लोग समाज को। ऐसे ही सशक्त सिनेमा के साथ-साथ यदि दर्शकों को फिल्मकारों के साथ रूबरू होने का अवसर मिले और सीखने को मिले तो सोने पर सुहागा वाली बात सार्थक हो जाती है या यूं कहें कि दर्शकों को फिल्मी मनोरंजन के साथ-साथ मस्ती की पाठशाला का प्रतिभागी बनने का अवसर मिल जाता है। कुछ ऐसे ही अवसर का पिछले दिनों दिल्लीवासियों ने जमकर लुत्फ उठाया 5वें जागरण फिल्म फेस्टिवल के दौरान।

सिरीफोर्ट सभागार में आयोजित किये गये चार दिवसीय इस फिल्म समारोह में चुनिंदा भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ-साथ, मास्टर फिल्ममेकर्स के साथ वर्कशाॅप, विश्वभर के 35 देशों से चयनित 25 अन्तर्राष्ट्रीय व भारतीय शाॅर्ट फिल्म और 13 फिल्मों का एशियन प्रीमियर किया गया। इनके अतिरिक्त ‘सिनेमा आॅफ द अपराइजिंग’ श्रेणी के तहत 7 विशिष्ट फिल्में भी प्रदर्शित की गयी। जिनके माध्यम से न केवल अर्थपूर्ण सिनेमा की तरफ दर्शकों का खासा रूझान देखने को मिला बल्कि मनोरंजन से परे फिल्मकारों के साथ विचार-विमर्श हेतु दर्शकों का उत्साह भी जबरदस्त रहा।


शोमैन सुभाष घई, सुधीर मिश्रा, हंसल मेहता, अनुभव सिन्हा, विक्रमादित्य मोटवानी और राहुल भट्ट की उपस्थिति में शुरू हुए इस समारोह में चारों ही दिन प्रदर्शित की जा रही फिल्मों से जुड़ी हस्तियों ने शिरकत की साथ ही फिल्मों के उपरान्त दर्शकों से रूबरू होकर वाह-वाही लूटी और उनके सवालों के जवाब भी किये। इन हस्तियों में निर्देशक श्याम बेनेगेल, टी.पी. अग्रवाल, संदीप वर्मा, संजीव गुप्ता, टी हरिहरन, राजेन्द्र तलक, फिरोज़ अब्बास खान सहित एक्टर रजत कपूर, विजय राज व पवल मल्होत्रा आदि प्रमुख थे।

जे.एफ.एफ. के माध्यम से दर्शकों सहित सिनेमा में नये आयाम कायम करने की पहल की गई जिनमें ‘कंट्री फोकस’ श्रेणी में साइप्रस जैसे अल्पज्ञात देश की फिल्मों को दर्शाना। ‘सिनेमा आॅफ द अपराईजिंग’ श्रेणी में मानवीय आजादी के लिए लड़ी जा रही लड़ाईयों पर बनी फिल्मों का प्रदर्शन भी आकर्षण का केन्द्र रहे। इसके अतिरिक्त जागरण शाॅर्ट श्रेणी में स्कूली छात्रों से लेकिन प्रतिभाशाली व प्रयोगधर्मी युवा फिल्मकारों को अपने कला-कौशल को प्रस्तुत करने का मौका मिला। 

मनोरंजन के साथ-साथ मस्ती की पाठशाला भी फेस्टिवल का हिस्सा रही जहां फिल्म जगत के मास्टर निर्देशक व अन्य ने ‘कास्टिंग निर्देशक क्या चाहता है’, ‘सिनेमा में निवेश’, ‘क्या स्वतंत्र सिनेमा बालीवुड पर कब्जा कर रहा है?’ किरीट खुराना के साथ ‘एनिमेशन स्टोरी टेलिंग’ पर, नये फिल्मकारों के लिए ‘लघु फिल्मों से शुरुआत’ पर और ‘सिनेमा के बारे में लिखना’ जैसे विषयों पर चर्चा हुई और युवाओं व अन्य उत्सुक श्रोताओं ने दिग्गजों से सवाल-जवाब भी किया। 

फेस्टिवल की औपचारिक शुरूआत अनुराग कश्यप की फिल्म ‘अग्ली’ से हुई। इसके बाद नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, क्या दिल्ली क्या लाहौर, गुलाब गैंग, मद्रास कैफे, हाईवे, क्वीन, क्यू, शाहिद, आंखो देखी, देख तमाशा देख, मंजूनाथ आदि जैसी फिल्मों को दर्शकों ने जमकर सराहा। इनकी एक विशिष्ट बात यह रही कि फिल्मकारों ने भी दर्शकों के बीच बैठकर अपनी फिल्मों को देखा।

जहां सुभाष घई ने अच्छे सिनेमा के प्रति दर्शकों के रूझान और ऐसे फेस्टिवल के माध्यम से दर्शकों के बीच पहुंचाने के प्रयास की सराहना की। वहीं श्याम बेनेगल ने सशक्त फिल्मों के आम दर्शकों तक पहुंचने की बात कही क्योंकि ऐसी फिल्मों को अधिक स्क्रीन नहीं मिलती पर चिंता जाहिर की। हंसल मेहता ने कम बजट में अच्छी व सशक्त फिल्में बनाने की बात कही और फिल्म शाहिद को लेकर अपने अनुभव साझा किये। टी.पी. अग्रवाल ने छोटे व कम बजट की फिल्मों के पर्याप्त प्रमोशन के लिए फिल्म इंडस्ट्री का अपना चैनल शुरू करने का सुझाव दिया। 

किरीट खुराना ने भारत में ऐनीमेशन फिल्मों के उज्जवल भविष्य पर बात करते हुए युवाओं को सशक्त अंदाज में स्टोरीटेलिंग की बात पर ध्यान देने का सुझाव दिया। समारोह के दौरान सुधीर मिश्रा ने भी दर्शकों के साथ अपने अनुभव साझा किये, चर्चा के दौरान उन्होंने कास्टिंग के विभिन्न पहलुओं पर भी बातचीत की।

जागरण समूह के वाइस प्रेसिडेंट बसंत राठोड़ ने बताया कि पिछले चार संस्करणों की तरह इस वर्ष भी हमें दिल्ली में जबरदस्त उत्साह व प्रतिक्रिया मिली है। फिल्म फेस्टिवल का उद्देश्य प्रेरणादायी फिल्मों को जनमानस तक पहुंचाना और फिल्मों के प्रति समाज में रुचि पैदा करना है और यह पहला अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल है जो लोगों तक उनके शहरों में जाकर पहुंचता है और उनके सहज माहौल में सिनेमा दिखाता है।

दिलवाले दिल्लीवासियों ने चार दिन के समारोह को हाथों-हाथ लिया और अपनी तरह के अद्भुत अनुभव देते इस समारोह का हिस्सा बने। दिल्ली के बाद जे.एफ.एफ. अब 14 अन्य शहरों की यात्रा पर अग्रसर होकर सितम्बर में मुम्बई में सम्पन्न होगा।

सुप्रसिद्ध गायिका मिस कनिका कपूर से खास मुलाकात

सुप्रसिद्ध गायिका मिस कनिका कपूर से खास मुलाकात 
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-अफाक खान समीर- 
(ब्यूरो चीफ दिल्ली एनसीआर)  बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
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बीसीआर (नई दिल्ली)  "बॉलीवुड सिने रिपोर्टर" के ब्यूरो चीफ, (दिल्ली एनसीआर) मिस्टर अफाक खान समीर की मुलाकात युवाओं के दिलो की धड़कन बनी और सुपरहिट गीत "बेबी डॉल में सोने दी" की गायिका कनिका कपूर से उस वक्त हुई जब वह अपने गीत प्रमोशन के लिए दिल्ली में आई. ब्यूरो चीफ, अफाक खान समीर द्वारा लिए गए इंटरव्यू को आप "बॉलीवुड सिने रिपोर्टर" के अगले अंक में पढ़ सकते है. 

Monday, 7 July 2014

महासंग्राम.. आ रहे हैं नागा साधू.. साईं के मंदिर तोड़े जायेंगे

महासंग्राम.. आ रहे हैं नागा साधू.. साईं के मंदिर तोड़े जायेंगे
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (नई दिल्ली) जब भी हिन्दू धर्म पर संकट में आता है, तो हिमालय और जंगल में तपस्या कर रहे नागा साधुओं का आहवान किया जाता है। साईं भक्तों द्वारा हिन्दू देवी-देवताओं और शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का लगातार अपमान किए जाने के चलते अब नागा साधुओं के जंगल से बहार निकलने की कवायद शुरू हो गई है। बताया जाता है कि 55 लाख साधुओं में नागाओं की संख्या 2 लाख है।
गंगा किनारे बड़ी संख्या में नागा साधु इकट्ठा हो रहे हैं। इन नागा साधुओं से धर्म की रक्षा के लिए 'धर्म युद्ध' का आह्वान किया गया है। इसके तहत इन्हें धर्म का गौरव वापस लाने के लिए कहा गया है। बीते कुछ दिनों से हरिद्वार और इलाहाबाद में नागा साधु-संत इकट्ठा हो रहे हैं।


बताया जा रहा है कि हिन्दू मंदिरों से साईं की मूर्ति नहीं हटाई गई तो ये नागा साधु मंदिरों की मूर्तियां तोड़ना शुरू कर देंगे और आशंका जाहिर की जा रही है कि इसके चलते उनका आंदोलन हिंसक हो सकता है।

फिल्म रिव्यू: लेकर हम दीवाना दिल

फिल्म रिव्यू: लेकर हम दीवाना दिल 
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फिल्म समीक्षक : अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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प्रमुख कलाकार: अरमान जैन और दीक्षा सेठ
निर्देशक: आरिफ अली
संगीतकार: एआर रहमान
स्टार: दो स्टार 
अवधि:140 मिनट

(बीसीआर) दक्षिण मुंबई और दक्षिण दिल्ली के युवक-युवतियों के लिए बस्तर और दांतेवाड़ा अखबारों में छपे शब्द और टीवी पर सुनी गई ध्वनियां मात्र हैं। फिल्म के लेखक और निर्देशक भी देश की कठोर सच्चाई के गवाह इन दोनों स्थानों के बारे में बगैर कुछ जाने-समझे फिल्म में इस्तेमाल करें तो संदर्भ और मनोरंजन भ्रष्ट हो जाता है। 'लेकर हम दीवाना दिल' में माओवादी समूह का प्रसंग लेखक-निर्देशक की नासमझी का परिचय देता है। मुंबई से भागे प्रेमी युगल संयोग से यहां पहुंचते हैं और माओवादियों की गिरफ्त में आ जाते हैं। माओवादियों ने एक फिल्म यूनिट को भी घेर रखा है। उन्हें छोडऩे के पहले वे उनसे एक आइटम सॉन्ग की फरमाइश करते हैं। हिंदी फिल्मों में लंबे समय तक आदिवासियों और बंजारों का कमोबेश इसी रूप में इस्तेमाल होता रहा है। माओवादी 21वीं सदी की हिंदी फिल्मों के आदिवासी और बंजारे हैं।

'लेकर हम दीवाना दिल' आरिफ अली की पहली फिल्म है। आरिफ अली मशहूर निर्देशक इम्तियाज अली के भाई हैं। अभिव्यक्ति के किसी भी कला माध्यम में निकट के मित्रों और संबंधियों का असर होना स्वाभाविक है। 'लेकर हम दीवाना दिल' की संरचना और निर्वाह में इम्तियाज अली का सीधा प्रभाव है। प्रेम और विवाह को लेकर कंफ्यूज नायक-नायिका यहां भी सफर में निकलते हैं। वहां रास्ते में रतलाम पड़ा था। यहां रायपुर शहर आता है। नायक-नायिका की सुहाग रात यहां भी नहीं हो पाती। और भी कई लक्षण इम्तियाज अली की फिल्मों से लिए गए हैं, लेकिन संरचना और निर्वाह में उनकी फिल्मों जैसी कसावट नहीं है। दीनू और करिश्मा के चरित्र चित्रण पर मेहनत नहीं की गई है। दोनों शुरू से अंत तक एक ही अवस्था में रहते हैं। 140 मिनट में उनकी ग्रोथ नहीं होती, जबकि आजकल 140 अक्षरों (ट्विटर) में सब कुछ व्यक्त किया जा रहा है।
दीनू और करिश्मा साथ पढ़ते हैं। शेट्टी परिवार की करिश्मा की शादी तय हो जाती है। करिश्मा अरेंज मैरिज के बंधन में नहीं बंधना चाहती। दीनू के साथ उसकी खटपट चलती रहती है, लेकिन दोनों एक-दूसरे के दीवाने हैं। इस स्थिति में बीयर पीते समय दोनों को एहसास होता है कि क्यों न वे शादी कर लें? अपने परिवारों को राजी करने में विफल होने पर वे अपने घरों से भाग जाते हैं। इस भागमभाग में वे एक-दूसरे से परिचित होते हैं। प्रेम विरक्ति में बदलता है और तलाक की नौबत आ जाती है। तलाक के बाद फिर से पुराना किस्सा दोहराया जाता है। इस बार दोनों के अभिभावक राजी हो जाते हैं। 'लेकर हम दीवाना दिल' ढीली पटकथा और दोहराव से बांध नहीं पाती है।
हर प्रसंग में अरमान जैन के चेहरे पर एक ही भाव टिका रहता है। वे पहली फिल्म में निराश करते हैं। संवाद अदायगी और भाषा उनके अभिनय में आड़े आती है। दीक्षा सेठ फिर भी करिश्मा के किरदार को निभा ले जाती हैं। इस फिल्म में सहयोगी किरदारों ने अवश्य अपनी जिम्मेदारी ढंग से निभायी है, लेकिन नायक-नायिका ही प्रभावहीन हों तो अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। 'लेकर हम दीवाना दिल' में एआर रहमान का संगीत है। एक 'खलीफा' के अलावा कोई भी गीत याद नहीं रहता है। मेरी तरफ से इस फिल्म को २ स्टार.

T-TIME MUSIC INDUSTRY Presents "MAUT KA SAGAR" (A Hindi Serial)

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Saturday, 5 July 2014

पूर्व सांसद जगदीश टाइटलर व अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर की मुलाक़ात

पूर्व सांसद जगदीश टाइटलर व अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर की मुलाक़ात 
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-रचना शर्मा-
(सह संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (नई दिल्ली) नई दिल्ली के साऊथ एक्स. इलाके, पंचशील पार्क में एक रेस्टोरेंट "ब्राउन बेकरी बॉक्स" के उद्घाटन के दौरान  पूर्व सांसद जगदीश टाइटलर, शहनाज़ हुसैन आदि उपस्थित रहे व बॉलीवुड से शाहरुख़ खान की पत्नी व मॉडल गौरी खान ने रिबन काट कर "ब्राउन बेकरी बॉक्स" का शुभारम्भ किया.



शुभ अवसर पर "बॉलीवुड सिने रिपोर्टर" राष्ट्रीय समाचार पत्र के संपादक अजय शास्त्री भी मौजूद रहे. 

हिंदी फिल्म ‘‘पैसा नाच नचाये‘‘ का पोस्ट प्रोडक्शन इन दिनों मुंबई में जोर शोर से चल रहा है

हिंदी फिल्म ‘‘पैसा नाच नचाये‘‘ का पोस्ट प्रोडक्शन इन दिनों मुंबई में जोर शोर से चल रहा है
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-अजय शास्त्री- (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर।।मुम्बई।। एस.आर .डी  फिल्म्स के बैनर तले बनी हिंदी फिल्म ‘‘पैसा नाच नचाये‘‘ का पोस्ट प्रोडक्शन इन दिनों मुंबई में जोर शोर से चल रहा है. फिल्म की कहानी मुख्य रूप से समाज में घट रही सच्ची घटना को बयाँ करती नजर आएगी. आज के युग में हर पल पैसों का बोलबाले को बयां करती है ये फिल्म। इस फिल्म के माध्यम से समाज में फैली गन्दगी नजर आएगी, आज पैसों को लेकर, अपने पराये के आपसी रिश्तों को बनते एवं बिखरते, इस फिल्म में दिखाई देंगें। फिल्म की कहानी मुख्य रूप से दलितों के ऊपर हो रहे पैसों वालो की दरिंदगी को बयां करेगी। कहानी एक दलित लड़की के ऊपर हुए शोषण पर आधारित है, वो कैसे लड़ती है और अपना हक लेती है ये इस फिल्म में देखने को मिलेगा।
फिल्म के निर्माता है राजेश कुमार सिंह, कथा-पटकथा -संवाद एवं निर्देशन की कमान सम्भाली है रामाश्रय राज ने। संगीत से सजाया है एस. जमील एवं दीपक ठाकुर ने, संकलन एवं पब्लिसिटी डिजाइनिंग सागर सिन्हा है. फिल्म की सारी शूटिंग बिहार के बेगुसराय एवं उत्तर प्रदेश के जौनपुर और देवरिया जिले में की गई है मुख्य कलाकारों में विकाश झा, तृषा खान, अमर बेगुसराई, अभिनन्दन एवं ज्योति रॉय की अदाकारी देखने को मिलेगी. फिल्म के प्रचारक भारती हैं।

Friday, 4 July 2014

तब्बू बानी गायिका

तब्बू बनी गायिका
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-अजय शास्त्री-
(संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर (समाचार पत्र व वेब न्यूज़ चैनल)
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (मुंबई) इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘हैदर’ को फाइनल टच देने में लगे निर्माता निर्देशक तथा संगीतकार विशाल भरद्वाज ने आखिरकार मशहूर एक्ट्रेस तब्बू को अपनी इस फिल्म में गाने के लिए मना ही लिया. अंग्रेज़ी साहित्यकार शेक्सपियर के प्रसिद्ध उपन्यास ‘हैमलेट’ को ‘हैदर’ के ज़रिये भारतीय स्वरूप में पेश करने जा रहे विशाल भरद्वाज के कारण ही तब्बू ने बतौर गायिका गायकी की शुरूआत की है जिससे खुद तब्बू भी खासी उत्साहित हैं. तब्बू के ज़ुबां से थिरकते गीत के बोल हैं ‘रोशे वाले’, जिसकी धुन तैयार की है खुद विशाल भरद्वाज ने. साल की शुरूआत में फिल्म की शूटिंग के दौरान तब्बू ने इस गीत को अपनी एक्टिंग का एक अंग मानते हुए गुनगुनाया था जिसे अब विशाल फिल्म में खास स्थान देने का मन बना चुके हैं. खबर है कि तब्बू की गायकी से विशाल इस कदर प्रभावित हैं कि उन्होंने तब्बू के गीत को महज़ फिल्म का एक छोटा सा हिस्सा बनाने की बजाय उसे खास बना दिया है. सिर्फ यही नहीं फिल्म के साथ साथ तब्बू का गाया यह गीत फिल्म के एल्बम में भी होगा. 
सूत्रों की मानें तो फिल्म में प्रयोग किये गये तब्बू की गुनगुनाहट को विशाल एक नये सिरे से रिकॉर्ड करनेवाले हैं. यह कब होगा इसका फैसला जल्द ही तब्बू और विशाल मिलकर करने वाले हैं. तब्बू की बेमिसाल अदाकारी के साथ साथ उनकी मदभरी आवाज़ को पहचानने में विशाल ने जो फुर्ती दिखाई है उसे देखते हुए यह कहें तो कतई गलत नहीं होगा कि हीरे की असली पहचान सिर्फ जौहरी ही करता है और विशाल की इस काबिलियत पर पूरे बॉलीवुड को ही नहीं देश विदेश में बसे उनके सभी दर्शकों को यक़ीन है. 

Thursday, 3 July 2014

फिटनेस ट्रेनर और जिम इक्विपमेंट को हमेशा रखती है साथ सोनम कपूर

फिटनेस ट्रेनर और जिम इक्विपमेंट को हमेशा रखती है साथ सोनम कपूर
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-अजय शास्त्री- (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर 
Email: editorbcr@gmail.com
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सोनम कपूर अपने फिटनेस ट्रेनर और जिम इक्विपमेंट को हमेशा रखती है साथ में।
सोनम कपूर अपने फिटनेस के लिए अपनी पर्सनल ट्रेनर राधिका कार्ले के साथ ट्रैवल कर  रही है,
 हालही में सोनम ने अपनी आगामी फिल्म राम रत्न धन पायो के लिए तक़रीबन ८ किलो तक वजन
 घटाया है। इस से पहले अरबाज खान प्रोडक्शन के लिए सोनम को अपना वजन बढ़ाना पड़ा था। 
उसके बाद सोनम के पास इतना वक़्त नहीं था की वे एक हफ्ते के भीतर शेप में आये लेकिन उनकी 
भरोसेमंद फिटनेस ट्रेनर राधिका के गाइडेंस से बहुत काम वक्त में बेवकूफियां फिल्म के लिए बिकनी 
पहन सके ऐसा शेप हासिल किया था। सोनम अब रेगुलर स्विम करती है साथ ही कार्डिओ और योग 
पर भी बहुत ज्यादा ध्यान  देती है, राधिका खुद सोनम के फिटनेस और डाइट का ध्यान रखती है, 
क्युंकि सोनम ने हाली में कहा था की वे एक फूडी है और उनके खाना अच्छा लगता है।  


Wednesday, 2 July 2014

पूजा मिश्रा ने अभिनेत्री के पति और अपने जीजा पर लगाया शारीरिक शोषण का आरोप

पूजा मिश्रा ने अभिनेत्री के पति और अपने जीजा पर लगाया शारीरिक शोषण का आरोप

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-अजय शास्त्री- (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर 
Email. editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (मुंबई) बॉलीवुड में प्रिटी जिंटा के बाद अब एक और अभिनेत्री के साथ छेड़खानी मामला सामने आया है। खबर मिली है कि बिग बॉस 5 की प्रतिभागी पूजा मिश्रा ने बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर के पति रोहित नारंग और अपने जीजा राहुल पर पुणे की छेड़खानी करने का आरोप लगाया है।
पूजा ने आरोप लगाया है कि इन दोनों ने उनके शारीरिक शोषण का भी प्रयास किया। पूजा ने मुंडवा पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। सूत्रों ने बताया है कि पूजा की एफआईआर में लिखा है कि दोनों भाइयों ने उन्हें वशीभूत कर मुंबई में उनके घर में उनका शारीरिक उत्पीड़न किया। पूजा का आरोप है कि जब वह पुणे के होटल में गई तो भी उन्हें ऐसे ही बर्ताव का सामना करना पड़ा। पूजा ने  बताया कि ये लोग उन्हें कार से पुणे ले गए। सुनसान जगह पर कार रोकी और उनके साथ छेड़खानी करने लगे। किसी तरह वह वहां से बचकर भागीं और मुंबई पहुंचीं। उन्होंने अपनी जिंदगी को खतरा बताते हुए कहा कि वह मुंबई में अपना फ्लैट छोड़कर एक गुप्त स्थान पर रह रही हैं। 


एफआईआर के मुताबिक, पूजा का आरोप है कि ये दोनों शख्स कई सालों से उनके पीछे पड़े हैं और उन्हें धमकियां दे रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने उनके ऊपर कई बार हमले भी किए। आरोप है कि दोनों भाइयों ने पूरी तरह नजर रखने के लिए उनका फोन और उनके सोशल अकाउंट भी हैक किए और उनकी हर गतिविधि पर निगाह रखने के लिए दोनों ने कुछ लोग भी रख रखे थे।