Tuesday, July 5, 2022

Qatil Kaun

QATIL KAUN - Webseries's first look Promo released Today, Please Watch & Enjoy.

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https://youtu.be/Q7IbF9QVH0E


QATIL KAUN - Webseries's first look Promo released

Staring: Ajay Shastri & Koyal Roy

Producer & Director : Ajay Shastri

Co-Producer : Rachna Sharma & Naveen Kumar

Associate Director : Bhupender Titra

Music: Dhruv Sufi & Ajay Shastri

D.O.P. : Ashok

Makeup: Radha Gupta

Creative : Bir Joggi

Special Thanks : Khursheed Ahmed

Label : T-Time Music

Media Partner : Bollywood Cine Reporter & BCR NEWS


https://youtu.be/Q7IbF9QVH0E

Tuesday, May 17, 2022

ज्ञानवापी मस्जिद केस: शिवलिंग मिलने वाले क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करें लेकिन नमाज न रोकी जाए, सुप्रीम कोर्ट का आदेश | BCR NEWS

 BCR NEWS/New Delhi : Gyanvapi Survey : ज्ञानवापी मस्जिद मामले (Gyanvapi Masjid Case) में अहम आदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ) ने कहा है कि जिला मजिस्ट्रेट उस क्षेत्र को सुरक्षित करे जहां शिवलिंग (​​Shivling area) मिला बताया गया है. इसके साथ ही मुस्लिमों के प्रार्थना करने या धार्मिक गतिविधि के लिए प्रवेश को रोका न जाए. कोर्ट ने कहा कि वाराणसी के जिलाधिकारी उस क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करें जहां शिवलिंग मिलने की बात कही गई और इससे मुस्लिमों के नमाज अदा करने एवं अन्य धार्मिक रस्म निभाने में बाधा नहीं आए.सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी की अदालत सील करने के आदेश को शिवलिंग क्षेत्र सुरक्षित करने तक सीमित किया. वाराणसी की कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं लगाई गई है. कोर्ट ने कहा कि हम सोचते हैं कि ये बैलेंस आदेश है.सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की याचिका पर हिंदू पक्ष को नोटिस जारी किया है. हिंदू पक्ष के जिन याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी हुआ है, उनमें राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक शामिल हैं. इसके अलावा यूपी सरकार, बनारस के डीएम, पुलिस कमिश्नर और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बोर्ड के सभी ट्रस्टी को नोटिस जारी किया गया है. मामले की सुनवाई 19 मई को होगी.


इससे पहले, मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में  मंगलवार को हुई सुनवाई में मस्जिद कमेटी की ओर से हुजेफा अहमदी ने जिरह की. हुजेफा ने कहा, 'ये वाद ये घोषणा करने के लिए किया गया है कि हिंदू दर्शन करने और पूजा करने के हकदार हैं. इसका मतलब मस्जिद का धार्मिक करेक्टर बदलना होगा. आप एडवोकेट कमिश्नर को इस तरह नहीं चुन सकते. वादी के सुझाए गए विकल्प पर एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति नहीं की जा सकती थी.' उन्‍होंने कहा कि हमारे आग्रह पर CJI ने जल्द सुनवाई की मांग की. अहमदी ने कहा, 'शनिवार और रविवार को कमीशन ने सर्वे किया. कमिश्‍नर को मालूम था कि सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई करेगा, इसके बावजूद सर्वे किया गया. सोमवार को वादी ने निचली अदालत में अर्जी दी कि सर्वे में एक शिवलिंग मिला है. दुर्भाग्यपूर्ण है कि ट्रायल कोर्ट ने इस पर सील करने के आदेश जारी कर दिए.' उन्‍होंने कहा, ' इस तथ्य के बावजूद कि कमिश्नर द्वारा कोई रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई थी.वादी द्वारा अर्जी   कि कमिश्नर ने तालाब के पास एक शिवलिंग देखा है. यह अत्यधिक अनुचित है  क्योंकि कमीशन की रिपोर्ट को दाखिल होने तक गोपनीय माना जाता है. कमीशन के सर्वे की आड़ में जगह को सील कराने की कोशिश की गई. प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट का उल्लंघन नहीं किया जा सकता. इसी तरह के सूट पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाई जा चुकी है. हमने ट्रायल कोर्ट के जज को सूचित किया था.' अहमदी ने मांग की कि ट्रायल कोर्ट के आदेश को रोका जाए,  ये गैर कानूनी है. बाबरी मस्जिद केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने की शिकायत पर रोक लगाता है.

अहमदी ने कहा, 'इस न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि 15 अगस्त, 1947 को किसी स्थान के धार्मिक चरित्र से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. इस तरह के आदेशों में शरारत की गंभीर संभावना होती है.' उन्‍होंने कहा कि इन सभी आदेशों पर भी रोक लगाई जाए. ये आदेश संसद के कानून के खिलाफ हैं. पहले के एक सूट पर रोक लगा दी गई थी.ये सभी आदेश अवैध हैं और इन्हें रोका जाना चाहिए.इस पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, 'हम ट्रायल कोर्ट को कमीशन की नियुक्ति को लेकर लंबित अर्जी को निपटाने को कह सकते हैं. एकमात्र बिंदु, हम केवल चर्चा कर रहे हैं, आपकी चुनौती के आधार पर कि प्लेसऑफ वर्शिप एक्ट द्वारा राहत अनुदान को रोक दिया गया है. यही वह राहत है जिसे आपने आवेदन में मांगा है. हम निचली अदालत को निपटान करने का निर्देश दे सकते हैं.

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम आदेश जारी करेंगे कि जिला मस्जिट्रेट उस जगह की सुरक्षा करें जहां शिवलिंग मिला है. लेकिन ये लोगों के नमाज अदा करने के रास्ते में नहीं आना चाहिए. उन्‍होंने सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता से पूछा-शिवलिंग कहां मिला है. इस पर SG ने कहा, 'वजूखाने में , जैसा कि मैं समझता हूं, वह जगह है जहां आप हाथ-मुंह धोते हैं और नमाज अदा करने के लिए एक अलग जगह है. मजिस्ट्रेट की चिंता यह लगती  है कि यदि कुछ महत्वपूर्ण पाया जाता है, तो  यहां आने वाले लोगों की वजह से परेशानी हो सकती है.' SG ने सुप्रीम कोर्ट से कल तक का वक्त मांगा जिसका मस्जिद कमेटी ने इसका विरोध किया और कहा कि गलत तरीके से आदेश जारी किए गए. अहमदी ने कहा कि सोमवार को वाराणसी कोर्ट ने अर्जी दाखिल करने के एक घंटे के भीतर आदेश पारित किया और वह भी एकपक्षीय. क्या निचली अदालत में कार्यवाही पर निष्पक्षता की कमी नहीं दिखती? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम मामले की सुनवाई 19 मई को करेंगे. हम निचली अदालत के आदेश के कुछ हिस्से पर पर रोक लगा देंगे लेकिन अगर कोई शिवलिंग मिला है तो उसका संरक्षण हो. साथ ही मुस्लिमों का भी नमाज अदा करने का अधिकार है. एसजी तुषार मेहता ने कहा कि आप मामले की सुनवाई कल कीजिए. उन्‍होंने कहा कि एक कुआं है, जिसका पानी वज़ूखाना में इस्तेमाल किया जाता है. अगर इसकी अनुमति दी जाती है तो इसके अनपेक्षित परिणाम हो सकते है. इस पर अहमदी ने कहा, ' मुझे प्रस्तावित के आदेश पर आपत्ति है यदि आदेश शिवलिंग पाए जाने की बात होती है, तो इसका उपयोग याचिकाकर्ता अपने लाभ के लिए करेंगे.'

एसजी तुषार मेहता ने कहा, 'जहां बताया गया शिवलिंग मिला है अगर नमाजी वजू के दौरान उसे पैर से छूते हैं तो कानून व्यवस्था की स्थिति हो जाएगी. लिहाजा उस बताए गए शिवलिंग के चारों ओर उस पूरे क्षेत्रफल की मजबूत सीलबंदी और सुरक्षा की जाए. इस पर कोर्ट ने कहा कि अन्य पक्षकार यहां मौजूद नहीं हैं लिहाजा हम समुचित आदेश जारी कर रहे हैं. 

एसजी तुषार मेहता ने कहा, 'जहां बताया गया शिवलिंग मिला है अगर नमाजी वजू के दौरान उसे पैर से छूते हैं तो कानून व्यवस्था की स्थिति हो जाएगी. लिहाजा उस बताए गए शिवलिंग के चारों ओर उस पूरे क्षेत्रफल की मजबूत सीलबंदी और सुरक्षा की जाए. इस पर कोर्ट ने कहा कि अन्य पक्षकार यहां मौजूद नहीं हैं लिहाजा हम समुचित आदेश जारी कर रहे हैं. अहमदी ने कहा कि गुरुवार तक निचली अदालत आगे कोई सुनवाई या आदेश न दे. इस पर कोर्ट ने कहा कि आदेश स्पष्ट है. कोई भी न्यायिक अफसर समझ जाएगा कि क्या करना है? 

Thursday, April 21, 2022

दिल्ली में बीजेपी नेता जीतू चौधरी की गोली मारकर हत्या, बदमाशों ने दागी 6 गोलियां | BCR NEWS


बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपराधी बेखौफ हो गए हैं. जिसका अंदाजा हाल ही में जहांगीरपुरी में हुई हिंसा के बाद अब गाजीपुर थाना इलाके में हुई गोलीबारी से लगाया जा सकता है. बताया जा रहा है कि गाजीपुर थाना इलाके में बदमाशों ने बीजेपी के नेता जीतू चौधरी को गोलियों से भुन कर मौत के घाट उतार दिया है. मिल रही जानकारी के अनुसार बदमाशों ने बीजेपी नेता जीतू चौधरी पर 6 गोलियां दागी हैं. जीतू चौधरी बीजेपी के मयूर विहार जिले के मंत्री थे.

पुलिस सूत्रों का कहना है कि जीतू चौधरी का कंस्ट्रक्शन का व्यवसाय था. उनका किसी ठेकेदार से रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था. माना जा रहा है कि हत्या के पीछे लेन-देन विवाद हो सकता है. मामले में 42 वर्षीय जीतू चौधरी को बुधवार रात करीब 8:15 बजे अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी. वहीं इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. 

पुलिस का कहना है कि उपयुक्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है और बदमाशों को पकड़ने के लिए आगे की जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार बताया जा रहा है कि बुधवार रात करीब  8:15 बजे गाजीपुर पुलिस स्टेशन के बीट स्टाफ ने पेट्रोलिंग के दौरान मयूर विहार इलाके में भीड़ देखी. जिसमें 42 साल के जितेंद्र उर्फ ​​जीतू चौधरी को खून से लथपथ सड़क पर पड़ा देखा गया.

बताया जा रहा है कि जीतू चौधरी पर अज्ञात हमलावरों ने गोली चलाकर घायल कर दिया था. जिसके बाद लोगों ने उन्हें निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया. वहीं अस्पताल में डॉक्टरों ने जीतू चौधरी को मृत घोषित कर दिया. फिलहाल पुलिस का कहना है कि उनकी क्राइम टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया. मौके से कुछ खाली कारतूस और अन्य महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए गए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज की तलाश की जा रही है.

Monday, April 18, 2022

Corona Update: कोरोना मामलों में अचानक उछाल, आंकड़ों ने चौंकाया | BCR NEWS


 

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: देश में एक बार फिर कोरोना के मामलों में अचानक उछाल देखने को मिली है. दैनिक COVID-19 मामलों की संख्या पिछले दिन से सोमवार को लगभग दोगुनी होकर एक महीने में पहली बार 2,000 से अधिक हो गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक केरल में महामारी से हुई मौतों की संख्या में भी उछाल आया है. 


बीते कुछ दिनों में बढ़े कोरोना के मामले


याद दिला दें कि पिछले साल देश में अप्रैल माह में ही कोरोना महामारी ने भारी तबाही मचाई थी. अप्रैल में देश वैश्विक COVID संकट के केंद्र में था. लेकिन तब से स्थिति में सुधार हुआ है और हाल ही में मास्क पहनने सहित अधिकांश सावधानियों को हटा दिया गया है. लेकिन पिछले कुछ दिनों में देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.


दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बढ़ी पाबंदियां


दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कोरोना को लेकर सावधानियां बढ़ा दी गई हैं. भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य (यूपी) के कुछ जिलों में सार्वजनिक स्थानों पर फिर से मास्क अनिवार्य कर दिया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को कोरोना के 2,183 नए मामले सामने आए हैं. वहीं, इस दौरान 214 कोरोना मौतें दर्ज की गई हैं. केंद्र सरकार ने बताया कि केरल ने 13 अप्रैल के बाद से कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा नहीं भेजा था. पांच दिनों के गैप के कारण मौतों का आंकड़ा इतना ज्यादा दिख रहा है. आंकड़ो में अचानक आए उछाल को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा है कि रोजाना और सावधानीपूर्वक कोविड का आंकड़ा भेजा जाना बेहद जरूरी है. 


अब तक कोरोना से 522,000 लोगों की मौत


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक कोरोना से 522,000 लोगों ने जान गंवाई है. लेकिन कई वैश्विक विशेषज्ञों ने कहा है कि भारत में कोरोना से हुई मौतों की संख्या 40 लाख से ज्यादा हो सकती है. भारत सरकार इन अनुमानों को बार-बार खारिज करते आ रही है. भारत सरकार का मानना है कि छोटे देशों में मौतों का अनुमान लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले गणितीय मॉडल पर भरोसा नहीं किया जा सकता है, क्योंकि भारत की जनसंख्या बहुत ज्यादा है.


कई राज्यों में बढ़े कोरोना के मामले


केरल के अलावा, दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा में पिछले 24 घंटों में संक्रमण के मामलों में तीन अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है. हालांकि अस्पताल में कम मरीज भर्ती हो रहे हैं. महामारी विज्ञानी चंद्रकांत लहरिया ने कहा कि लोगों को वायरस के साथ रहना सीखना होगा और अधिकारियों को उन स्कूलों को बंद नहीं करना चाहिए जो हाल ही में खोले गए थे.

Sunday, April 10, 2022

Delhi: JNU में एक बार फिर लेफ्ट विंग और ABVP के छात्रों के बीच हिंसक झड़प | BCR NEWS


बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली:
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार देर शाम एक बार फिर लेफ्ट और राइट विंग के छात्रों के बीच झड़प हो गई. बताया जा रहा है कि इस हिंसक झड़प में कुछ छात्र घायल हुए हैं. JNU छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष के मुताबिक, जेएनयू में हिंसक झड़प हुई, जिसमें कुछ छात्र घायल हुए हैं. उधर, बवाल के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समर्थक JNU का मेन पर नारेबाजी करते हुए पहुंच गए जिसके बाद मेन गेट बंद किया गया है. दक्षिण पश्चिम दिल्ली पुलिस के डीसीपी का कहना है कि फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है, दोनों छात्र पक्ष शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं. शिकायत मिलने पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी

इससे पहले भी शाम को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और लेफ्ट विंग के छात्र आपस में भिड़ गए थे. जेएनयू कैंपस में रविवार शाम को हुई झड़प को लेकर वामपंथी छात्रों (Left wing students) ने आरोप लगाया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्रों ने उन्हें नॉन वेज फूड खाने से रोका. लेफ्ट विंग के छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि एबीवीपी के छात्रों ने कावेरी हॉस्टल के मेस सचिव से मारपीट भी की.

लेफ्ट विंग के छात्रों ने एबीवीपी छात्रों पर जेएनयू परिसर में गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए छात्रों को एकजुट होने का आह्वान किया. उधर, एबीवीपी का आरोप है कि लेफ्ट विंग के छात्र कावेरी हॉस्टल में रामनवमी की पूजा नहीं करने दे रहे हैं.


ABVP की जनरल सेक्रेटरी निधि त्रिपाठी ने किया ट्वीट


वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जनरल सेक्रेटरी निधि त्रिपाठी ने एक ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि JNU कावेरी छात्रावास में मेस के अंदर एक ओर इफ्तार पार्टी हो रही है और दूसरी तरफ बाहर राम जन्मोत्सव पर हवन, पर हमेशा समाज को तोड़ने वाले वामपंथियों से ये देखा नहीं जा रहा है और हमेशा की तरह आज भी झूठ का सहारा लेकर राम कार्य में विघ्न ड़ाल रहे हैं.


फूड कॉन्ट्रोवर्सी पर यूनिवर्सिटी की ओर से जारी किया गया नोटिस


उधर, इस फूड कॉन्ट्रोवर्सी पर यूनिवर्सिटी की ओर से एक नोटिस जारी किया गया है. यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि जेएनयू कैंपस के मेस में किसी भी धर्म के लिए खाने-पीने के लिए कोई पाबंदी नहीं है. यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कोई मनाही नहीं है. चाहे रमजान हो या रामनवमी... हर कोई इसे अपने तरीके से मना सकता है. साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी के भी पहनावे पर, खाने पर और आस्था पर रोक टोक नहीं कर सकते हैं. सभी लोग अपने हिसाब से अपने धर्म का पालन करते हैं. मेस स्टूडेंट कमेटी चलाती है और मेन्यू वही तय करते हैं.

फिलहाल के लिए कार्रवाई यही की गई है कि वार्डन ने नोटिस जारी करके इस बात को साफ कर दिया है कि हर व्यक्ति अपनी आस्था के मुताबिक पूजा कर सकता है, अपने धर्म का पालन कर सकता है, इसमें यूनिवर्सिटी की तरफ से कोई मनाही नहीं है।


लेफ्ट का आरोप- छात्रों को भोजन के अधिकार से वंचित किया जा रहा


जेएनयू स्टूडेंट यूनियन की ओर से कहा गया है कि एबीवीपी के गुंडों ने अपनी नफरत की राजनीति और विभाजनकारी एजेंडे को लेकर कावेरी हॉस्टल में हिंसक माहौल बना दिया है. वे मेस कमेटी को रात के खाने के मेनू को बदलने के लिए मजबूर कर रहे हैं और मेस से जुड़े लोगों के साथ लेफ्ट विंग के छात्रों पर हमला कर रहे हैं. मेनू में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के फूड हैंं. छात्र अपनी पसंद के मुताबिक कोई भी खाना ले सकते हैं. लेकिन एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने गुंडागर्दी कर हंगामा किया. साथ ही मेस के कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की. एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने मेस के कर्मचारियों से नॉनवेज फूड नहीं बनाने का दबाव डाला. 


जेएनयू में आधिपत्य जमाने की राजनीति कर रही एबीवीपी


स्टूडेंट यूनियन की ओर से कहा गया है कि जेएनयू और उसके हॉस्टल सभी के लिए एक जैसा है. यहां रह रहे छात्र अलग-अलग इलाकों से होते हैं और उनकी संस्कृति, खान-पान भी अलग-अलग होता है, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए. आरोप लगाया गया कि एबीवीपी का यह कदम जेएनयू जैसे लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष स्थानों पर आधिपत्य जमाने की उनकी राजनीति और दक्षिणपंथी हिंदुत्व नीतियों को दर्शाता है.

स्टूडेंट यूनियन ने कहा कि जेएनयू के छात्र इस तरह की विभाजनकारी चालों के आगे नहीं झुकेंगे और इस तरह की घटनाओं के खिलाफ लड़ना जारी रखेंगे. जेएनयू स्टूडेंट यूनियन छात्रों से सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील करता है. ऐसी किसी भी विभाजनकारी शक्तियों का डटकर मुकाबला किया जाना चाहिए और जेएनयू समुदाय को एकजुट होकर दोहराना चाहिए कि ऐसे किसी भी कृत्य के खिलाफ जीरो टॉलरेंस होगा. 


जिहादी को जन्नत में हूरें मिलेंगीं, वहां बीवी का क्या काम: ATS से बोला मुर्तजा- अल्लाह के घर जाना है तो सब छोड़ना होगा | BCR NEWS

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: गोरखनाथ मंदिर पर हमला करने वाला मुर्तजा अब्बासी अब तक पहेली बना हुआ है। मुर्तजा के पिता उसे दिमागी तौर पर बीमार साबित करने में लगे हैं, लेकिन ATS को लग रहा है कि वह बेहद शातिर है। आईआईटी-मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग करने वाले मुर्तजा से वारदात के 8 दिन बाद रविवार को NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) पूछताछ करेगी। NIA के तीन अफसरों की टीम शनिवार को लखनऊ पहुंच चुकी है।

ATS की अब तक की पूछताछ में मुर्तजा ने जितने भी सवालों के जवाब दिए हैं, उससे लग रहा है कि वह झूठ नहीं बोल रहा है। इससे ATS को किसी अंतिम निर्णय तक पहुंचने में मुश्किल आ रही है।

सिर्फ अल्लाह की सुनिए, जन्नत मिलेगी
सूत्र बताते हैं कि जब मुर्तजा से शादी और फिर तलाक के बारे में सवाल किया गया तो उसने कहा- अल्लाह के घर में यानी कि जन्नत में बहुत सारी हूरें मिलेंगीं। वहां बीवी का क्या काम? अल्लाह के घर जाना है तो सबको छोड़ना होगा। मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ गोरखपुर आना, फिर परिवार और समाज में किसी से मतलब नहीं रखना और कमरे में अकेले रहने के सवालों पर मुर्तजा तपाक से बोला कि अल्लाह के घर में सिर्फ अल्लाह की सुनिए...अल्लाह से मतलब रखिए और अल्लाह के ही बताए रास्तों पर चलिए, फिर जन्नत मिलेगी।


पुलिस की गिरफ्त में गोरखनाथ मंदिर में हमला करने वाला मुर्तजा। फाइल

मुर्तजा के बड़े पिता लखनऊ तलब, ATS को ईमेल कर बोले- मैं बुजुर्ग हूं, नहीं आ सकता
मुर्तजा के बड़े पिता और नामी डॉक्टर केए अब्बासी को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए ATS ने लखनऊ तलब किया, लेकिन वह नहीं गए। उन्होंने ATS मुख्यालय को ईमेल भेजकर नोटिस का जवाब दिया है। धारा-160 CRPC का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है। ऐसे में वे लखनऊ जाकर बयान दर्ज कराने में असमर्थ हैं। इसके बाद वह अपना बयान दर्ज कराने गोरखपुर स्थित ATS दफ्तर पहुंचे, लेकिन यहां संबंधित अधिकारी के नहीं होने से फिलहाल उनका बयान दर्ज नहीं हो सका है।


परत- दर-परत खोलने में जुटी ATS

हालांकि ATS टीम लगातार इस मामले की परत-दर-परत खोलकर मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है। यही वजह है कि PGI और KGMU जैसी संस्थाओं के डॉक्टरों के पैनल बोर्ड से ATS मुर्तजा का मेडिकल चेकअप कराने की भी तैयारी कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि इतनी बड़ी वारदात और उसके जेहन में भरे जहर की असल वजह क्या है? फिलहाल ATS उसके बैंक खातों को ब्लॉक कराकर उसके सभी ट्रांजैक्शन खंगाल रही है।

विदेश में इस्लामिक संस्थाओं को भेजता था पैसे
मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे हर रोज इस केस में नए खुलासे हो रहे हैं। मुर्तजा के बैंक ट्रांजैक्शन भी सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों ने जून 2021 में क्रेडिट कार्ड से मुर्तजा द्वारा किए गए ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया है। इसमें पता चला है कि मुर्तजा कई इस्लामिक संस्थाओं को पे-पाल ऐप के जरिए विदेश में पैसे भेजता था।

जून 2021 में उसके क्रेडिट कार्ड से एक के बाद एक कई ट्रांजैक्शन किए जाने की बात सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों को कई इस्लामिक संस्थाओं में 22000, 700, 16594, 16622 और 22907 रुपए के ट्रांजैक्शन का ब्योरा मिला है। उसने बीते 4 से 5 महीने में शमीउल्लाह नाम के व्यक्ति के खाते में कई बार हजारों रुपए भेजे थे।

मुर्तजा ने जिहाद की ली थी ऑनलाइन शपथ
मुर्तजा के पैसे ICICI, फेडरल और HDFC बैंकों के तीन खातों में थे। उसके पास ICICI बैंक का भी एक क्रेडिट कार्ड था। यही नहीं, इससे पहले मुर्तजा के पास से जानकारी मिली थी कि वह सीरिया की एक युवती के साथ संपर्क में था। कई बार उसने अपनी महिला मित्र को ऑनलाइन पैसा भी ट्रांसफर किया और जिहाद की ऑनलाइन शपथ भी ली थी।

महाराजगंज से पकड़ा गया मुर्तजा का एक परिचित
ATS ने महाराजगंज से उसके एक परिचित को भी पकड़ा है। नेपाल से लौटने के बाद मुर्तजा इसी शख्स से मिला था। संभल के मियां सराय के रहने वाले मुर्तजा के परिचित की तलाश भी ATS को है।
माना जा रहा है कि मुर्तजा के पूरे नेटवर्क और उसके विदेशी कनेक्शन तक पहुंचने के लिए NIA इस केस को टेकओवर कर सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

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'बूढ़ी' का टैग देने वालों पर बेबो ने किया वार, दूसरे बच्चे के बाद करीना कपूर खान ने दिखाया सबसे बोल्ड अवतार | BCR NEWS

करीना कपूर खान की तस्वीरों से नहीं हट रही किसी की नजर

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री करीना कपूर खान ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी ताजा तस्वीरें शेयर कर खलबली मचा दी है। इन तस्वीरों में अदाकारा बेहद खूबसूरत और फिट फॉर्म में नजर आ रही हैं। यहां देखें अदाकारा की ताजा तस्वीरें।


दूसरे च्चे के बाद भी नहीं कम हुआ करीना कपूर खान का स्वैग

बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री करीना कपूर खान अपनी खूबसूरती और स्टाइल की वजह से अक्सर ही सुर्खियों में रहती हैं। अदाकारा ने हाल ही में अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। जिसमें वो काले रंग की ड्रेस में गजब ढा रही हैं। इन तस्वीरों को देखने के बाद तो बेबो को ट्रोल करने वाले ट्रोल्स की भी बोलती बंद हो जाने वाली है। इन तस्वीरों में अदाकारा बेहद खूबसूरत और फिट नजर आ रही हैं। यहां देखें करीना कपूर खान की ताजा तस्वीरें।

2/7
करीना कपूर खान ने ऑल ब्लैक अवतार में ढाया कहर

करीना कपूर खान ने ऑल ब्लैक अवतार में ढाया कहर

हाल ही में अदाकारा ने ऑल ब्लैक ड्रेस पहनी थी। जिसे पहनकर करीना कपूर खान ने एक इवेंट में हिस्सा लिया। यहीं एक्ट्रेस ने ये फोटोशूट करवाया जो इस वक्त चर्चा में है। 

'ये कौन है जिसने मुझे पलट कर नहीं देखा '

'ये कौन है जिसने मुझे पलट कर नहीं देखा '

करीना कपूर खान की ये तस्वीरें देखकर बेबो के फैंस को जरूर उनकी फिल्म के3जी के इस डायलॉग की याद आ जाने वाली है।


4/7
करीना कपूर खान का स्वैग देख खुला रह गया ट्रोल्स का जबड़ा

करीना कपूर खान का स्वैग देख खुला रह गया ट्रोल्स का जबड़ा

करीना कपूर खान का ये स्वैग देखने के बाद उन्हें ट्रोल करने वालों की भी बोलती बंद हो गई है। ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर हर तरफ छाई हुई हैं। 

5/7
'बूढ़ी' का टैग देने वालों की करीना कपूर खान ने की बोलती बंद

'बूढ़ी' का टैग देने वालों की करीना कपूर खान ने की बोलती बंद

इन तस्वीरों को देखने के बाद तो आप भी यही कहेंगे कि अदाकारा ने उन्हें 'बूढ़ी' का टैग देने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।

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दूसरे बच्चे के बाद करीना कपूर खान ने फिर पाया परफेक्ट फिगर

दूसरे बच्चे के बाद करीना कपूर खान ने फिर पाया परफेक्ट फिगर

अदाकारा हाल ही में दूसरे बच्चे की मां बनी हैं। अदाकारा ने अपने बेटे जेह अली खान के जन्म के बाद तुरंत कसरत कर अपना कई किलो वजन घटाया और एक बार फिर वो खूबसूरत फिगर की मालकिन बन गई हैं।