Saturday, October 18, 2014

17th Asian Games Medallist Awards Ceremony 2014 in Delhi, Coverage by; B...

Oriflame Celebrates sprit of Women Empowerment, Coverage By: BCR NEWS

फिल्म "हीरो गमछा वाला" के दूसरे शेडूल की शूटिंग शुरू

फिल्म "हीरो गमछा वाला" के दूसरे शेडूल की शूटिंग शुरू
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (सोनू/बिहार) आकाश इन्टरटेनमेन्ट के बैनर तले निर्माता रितेश ठाकुर निर्देशक विष्णु शंकर बेलु की फिल्म "हीरो गमछा वाला" की शूटिंग शुरू हो गई है। फिल्म के लेखक एस0 के0 चैहान संगीत छोटे बाबा गीत विनय बिहारी आजाद सिंह फनिन्द्र राव, नृत्य रामदेवगन, कला अवधेश राय, फाईट हीरा यादव, प्रोडक्सन कन्हैया का है, फिल्म भोजपुरी के अभिनेता यश मिश्रा, संगीता तिवारी, अंजना सिंह विपिन सिंह प्रकाश जैस, राजन मोदी, भाई ठाकुर प्रमुख भुमिका में है फिल्म में यस मिश्रा का गजब अभिनय देखने को मिलेगा। फिल्म में नौ गाना दिया गया है जिसे दर्शक अनन्दित होंगे। फिल्म की शुटिंग पहला शेडूल बिहार के सीतामढ़ी और दुसरा शेडूल मुम्बई के विभिन्न खुबसूरत लोकेशनों पर हो रही है। फिल्म के पी0 आर0 ओ0 सोनु निगम है।




सपेरा का पोस्ट प्रोडक्शन जोरों से

सपेरा का पोस्ट प्रोडक्शन जोरों से
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (सोनू/बिहार) आकाश इन्टरटेनमेन्ट के बैनर तले निर्माता रितेश ठाकुर व निर्देशक विष्णुशंकर बेलू की भोजपुरी फिल्म सपेरा का पोस्ट प्रोडक्शन मुम्बई में शुरु हो गया ह। फिल्म में भोजपुरी के सुपरस्टार पवन सिंह व यश मिश्रा इनके अलावा ब्रजेश त्रिपाठी, अनुप अरोड़ा, रितु सिंह, प्रकाश जैस, मनीषा सिंह, पल्लवी, निलम पाण्डेय, विकेश सिंह, संजीव मिश्रा व भाई ठाकुर प्रमुख भुमिका में है। फिल्म के लेखक मनोज कुशवाहा, कैमरा महेश वेंकेट, संगीत छोटे बाबा, गीत विनय बिहारी, फनीन्द्र राव, आजाद सिंह, कला अवधेश राय। फिल्म नाग-नागीन के कहानी पर आधारीत है। फिल्म में एक से बढ़कर एक गीत दिया गया है जिसे दर्शक काफी पसंद करेंगे।

Wednesday, October 1, 2014

फिल्म समीक्षा - चरफुटिया छोकरे

फिल्म समीक्षा - चरफुटिया छोकरे (दो स्टार)
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समीक्षक - अजय शास्त्री (संपादक)
बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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प्रमुख कलाकार: सोहा अली खान, सीमा बिस्वास, जाकिर हुसैन और हर्ष मयार।
निर्देशक: मनीष हरिशंकर
संगीतकार: अभिजीत-समीर और सुदीप बनर्जी।
रेटिंग: दो स्टार
अवधि: 120 मिनट
बीसीआर (नई दिल्ली) लेखक-निर्देशक मनीष हरिशंकर ने बाल मजदूरी के साथ बच्चों के अपहरण के मुद्दे को 'चारफुटिया छोकरे' में छूने की कोशिश की है। उन्होंने बिहार के बेतिया जिले के एक गांव बिरवा को चुना है। उनके इस खयाली गांव में शोषण और दमन की वजह से अपराध बढ़ चुके हैं। संरक्षक पुलिस और व्यवस्था से मदद नहीं मिलने से छोटी उम्र में ही बच्चे अपराध की अंधेरी गलियों में उतर जाते हैं। इस अपराध का स्थानीय संचालक लखन है। सरकारी महकमे में सभी से उसकी जान-पहचान है। वह अपने लाभ के लिए किसी का भी इस्तेमाल कर सकता है।
इस पृष्ठभूमि में नेहा अमेरिका में सुरक्षित नौकरी छोड़ कर लौटती है। उसकी ख्वाहिश है कि अपने पूर्वजों के गांव में वह एक स्कूल खोले। गांव में स्कूल जाते समय ही उसकी मुलाकात तीन छोकरों से होती है। वह उनके जोश और चंचल व्यवहार से खुश होती है। स्कूल पहुंचने पर नेहा को पता चलता है कि तीनों छोकरे शातिर अपराधी हैं। उनकी कहानी सुनने पर मालूम होता है कि दमन के विरोध में उन्होंने हथियार उठा लिए थे। नेहा स्वयं ही प्रण करती है कि वह इन बच्चों को सही रास्ते पर लाएगी। स्थानीय बाहुबली लखन से उसकी भिड़ंत होती है। इस टकराव में सिस्टम की गड़बडिय़ां उभरती हैं।
लेखक-निर्देशक का नेक इरादा पर्दे पर प्रभावशाली तरीके से नहीं उतर पाया है। चुस्त कहानी और बिखरे स्क्रिप्ट में किरदारों को सही ढंग से विकसित नहीं किया जा सका है। एक साथ कई मुद्दों को छूने और स्क्रिप्ट में लाने की कोशिश में लेखक-निर्देशक असफल रहे हैं। कलाकारों में सोहा अली खान, जाकिर हुसैन, मुकेश तिवारी और बाल कलाकार हर्ष मयार ने अवश्य अपनी अदाकारी से फिल्म को मजबूत करने की कोशिश की है, लेकिन वे निर्देशक और लेखक की ढीली सोच के शिकार हो गए हैं।
फिल्म का पार्श्‍व संगीत असंगत है। उदाहरण के लिए जीप चलने से सड़क पर जमा पानी के उछलने की आवाज बेमेल है। कलाकारों का लहजा बदलता रहता है। कभी वे फिल्मी बिहारी लहजा ले आते हैं और कभी मुंबइया लहजे में बोलने लगते हैं।

Sunday, September 28, 2014

रॉक स्टार बने मोदी, युवाओं को किया मंत्रमुग्ध

रॉक स्टार बने मोदी, युवाओं को किया मंत्रमुग्ध
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर 
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (न्यूयॉर्क) अमेरिका दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने हर कदम से लोगों को चौंकने पर मजबूर कर रहे हैं। मोदी द्वारा प्रोटोकॉल तोड़कर प्रशंसकों से मिलने की हैरानी अभी खत्म नहीं हुई थी कि एक रॉक कंसर्ट में करीब 65 हजार लोगों को मंच से संबोधित कर मोदी ने मंत्रमुग्ध कर दिया।
सेंट्रल पार्क में ग्लोबल सिटीजन फेस्टिवल के मौके पर मंच से मोदी ने सफाई, शिक्षा और गरीबी मिटाने जैसे आधारभूत मुद्दों पर युवाओं से काम करने की अपील की। मोदी ने कहा कि किसी बंद कॉन्फ्रेंस रूम की बजाय इस खुले पार्क में युवाओं के बीच मैं खुद को आनंदित महसूस कर रहा हूं। जे जी, बियोंसे और अन्य मशहूर गायकों के बीच अभिनेता हग जैकमैन ने मोदी का परिचय कराया।
उन्होंने बताया कि किस तरह से मोदी ने एक चाय वाले से लेकर गुजरात का मुख्यमंत्री और फिर भारी मतों से भारत का प्रधानमंत्री बनने तक का सफर तय किया। युवाओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, 'मैं आपको सलाम करता हूं। मुझे आप सब पर गर्व है। मुझे भरोसा है कि आपके परिवार, मित्र और राष्ट्र को भी आप पर इतना ही गर्व होगा।' उन्होंने कहा, 'कुछ लोगों का मानना है कि दुनिया वरिष्ठों के ज्ञान से बदलती है। मेरा विचार है कि युवाओं की सोच, इनोवेशन, ऊर्जा और 'कैन डू' वाला स्वभाव ज्यादा ताकतवर है।'
मोदी ने गरीबी हटाने, सबको शिक्षा और स्वच्छ जीवन मुहैया कराने की दिशा में ग्लोबल सिटीजन आंदोलन के प्रयासों की प्रशंसा की। मोदी ने कहा कि मैंने समर्थन जुटाने और यह भरोसा दिलाने के लिए इस समारोह में शामिल होने का फैसला लिया कि भारत के युवा भी इसमें जुड़ सकते हैं।
मोदी ने अपने सात मिनट के अंग्रेजी में भाषण के बाद विश्व शांति की प्रार्थना के लिए संस्कृत का श्लोक भी पढ़ा। उन्होंने वहां उपस्थित लोगों के साथ-साथ टीवी, लैपटॉप, टैबलेट और फोन पर कंसर्ट सुन रहे लोगों का भी 'नमस्ते' से अभिवादन किया। मोदी ऐसे पहले भारतीय नेता बन गए जिसने रॉक कंसर्ट के मंच से लोगों को सामाजिक संदेश दिया। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून भी कंसर्ट में उपस्थित रहे।

Saturday, September 27, 2014

बेटे की मौत के बाद कराई बहू की शादी, कन्यादान में दी 100 करोड़ की प्रॉपर्टी

बेटे की मौत के बाद कराई बहू की शादी, कन्यादान में दी 100 करोड़ की प्रॉपर्टी
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर 
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (गुजरात) पोरबंदर के भाजपा सांसद विठ्ठल रादडिया ने शुक्रवार को लोगों के सामने एक मिसाल कायम करते हुए वह कर दिखाया है जिसके बाद हर लड़की के घर वाले यही सोचेंगे की उनकी बेटी को भी ऐसा ही ससुराल मिले। विठ्ठल रादडिया ने पुत्र कल्पेश के आकस्मिक निधन के बाद बहू मनीषा की आज दोबारा शादी करवा दी। यही नहीं रादडिया ने बहू को बेटी मानकर स्वर्गवासी पुत्र कल्पेश की लगभग 100 करोड़ रुपए की संपत्ति भी कन्यादान के रूप में दे दी। 
दरअसल, विठ्ठल रादडिया के पुत्र कल्पेश की 9 महीने पहले आकस्मिक मौत हो गई थी। स्वर्गवासी बेटे के दो मासूम बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने बहू का पुनविर्वाह किया। आपको बता दें कि विठ्ठलभाई ने अपनी बहू की शादी हार्दिक कुमार के साथ करा दी। हार्दिक सूरत में विठ्ठलभाई के पुत्र ललित भाई के यहां कर्मचारी के तौर पर काम करते हैं। शुक्रवार को जामकंडोरणा में पर्यटन मंत्री जयेश रादडिया, चेतन रामाणी सहित अन्य मेहमानों की उपस्थिति में विवाह हुआ। कन्यादान में रादडिया ने बहू मनीषा को 100 करोड़ रुपए की संपत्ति दी।

बहन-भाई बन लिया कमरा, फिर खूनी खेल, मिला सुसाइड नोट और प्रेमपत्र

बहन-भाई बन लिया कमरा, फिर खूनी खेल, मिला सुसाइड नोट और प्रेमपत्र
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (मथुरा/उत्तर प्रदेश) मथुरा के कृष्णानगर चौकी क्षेत्र की आनंदपुरी कालोनी में किराए पर रहने आए बीटीसी छात्र ने प्रेमिका को गोली मारकर खुद आत्महत्या कर ली। दोनों ने गुरुवार की शाम को ही खुद को बहन-भाई बताकर कमरा किराए पर लिया था।
मृतक युवक सोनवीर सिंह नौहवार पुत्र मान सिंह फौजी निवासी गांव मिट्ठौली गिरिराज महाराज विद्यालय में बीटीसी का छात्र था। मृतक युवती ज्योति पुत्री दलवीर सिंह निवासी गांव चांदपुर खुर्द भी इसी कालेज में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी।
बताया गया कि कमरा लेने के बाद गुरुवार की रात को दोनों बाहर खाना खाने गए और करीब साढ़े नौ बजे आकर सो गए। कालोनी के लोगों ने रात में एक बजे के करीब तीन बार फायर की आवाज सुनी थी।
शुक्रवार की सुबह सात बजे मकान मालिक राजेन्द्र गौतम घूमकर लौटे तो सोनवीर के कमरे से खून बहकर निकलता देखा। दरवाजे और खिड़की की झिरी से अंदर झांका तो दोनों लहूलुहान हालत में पड़े थे।
सूचना पर पुलिस पहुंची अंदर से बंद दरवाजे को तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। युवती की कनपटी पर गोली लगी थी। युवक के सीने और कनपटी सहित दो गोली लगी थीं। युवक के हाथ के पास तमंचा पड़ा मिला।
मोबाइल में रिकार्ड और शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर परिवारीजनों से बात की गई। छानबीन में सोनवीर का लिखा सुसाइड नोट भी मिला। मोबाइल में दर्ज नंबर से जनकपुरी कालोनी में किराए पर रह रही मृतक युवती की बहन को बुलाया गया। बहन ने बताया कि ज्योति और सोनवीर के गांव निकट होने से परिवारीजनों ने रिश्ते को स्वीकार नहीं किया था। कुछ दिनों पूर्व दोनों में संबंध भी बिगड़ गए थे। गुरुवार रात को ज्योति कमरे से थोड़ी देर बाद आने की कहकर निकली थी और नहीं लौटी। 
एसपी सिटी मनोज सोनकर ने बताया कि बीटीसी छात्र और बीएससी की छात्रा ने आत्महत्या की है। तमंचा कारतूस, सुसाइड नोट और कुछ पत्र मिले हैं। मामला प्राथमिक तौर पर प्रेम संबंधों और कुछ अनबन का लग रहा है। युवती की बहन ने कुछ बताया है। पूरे मामले की विवेचना कराई जा रही है।
मोबाइल में थीं 236 मिस्ड काल, सोनवीर के पास आने से पहले ज्योति ने अपना मोबाइल छोटी बहन के पास ही छोड़ दिया था। उसकी बहन ने बताया कि वह थोड़ी देर में आने की कहकर निकली थी। हत्या-आत्महत्या के बाद पहुंची पुलिस ने सोनवीर के मोबाइल देखे तो उसमें एक नंबर की 236 मिस्ड काल थीं। पुलिस ने उस नंबर पर काल किया और छोटी बहन को मौके पर बुलाया।
पुलिस को सोनवीर की किताबों से करीब 12 प्रेमपत्र मिले। जिस गद्दे पर ज्योति का रक्त रंजित शव पड़ा था उसके नीचे सोनवीर का लिखा सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में सोनवीर ने लिखा कि उसने घटना को अंजाम देने के लिए तमंचा और पांच कारतूस पांच हजार में खरीदे थे। कमरे से एक खाली खोखा, एक बुलेट, एक तमंचे में फंसा हुआ और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
बीटीसी छात्र सोनवीर सिंह नौहवार के मोबाइल में युवती ज्योति और उसके बीच की बातचीत की रिकार्डिंग है। मोबाइल में दोनों के वीडियो भी हैं। मौके पर पहुंची ज्योति की बहन ने सोनवीर के मोबाइल कब्जा लिए थे। सोनवीर के सुसाइड नोट में उसके मोबाइल में वीडियो और वाइस रिकार्डिंग की बात लिखी होने पर पुलिस को मोबाइल का ध्यान आया।
ज्योति की बहन सोनवीर के मोबाइल से रिकार्डिंग डिलीट कर रही थी। कोतवाली प्रभारी कुंवर सिंह ने उनको फटकारा। उसे साक्ष्य मिटाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। फिर वह सारी बातें बताने लगी। पुलिस के अनुसार उसने ज्योति के मोबाइल से भी कुछ रिकार्डिंग डिलीट करने की जानकारी दी।
डिलीट रिकार्डिंग को किसी विशेषज्ञ से रिकवर कराया जाएगा। सूचना पर एसपी सिटी मनोज सोनकर, सीओ सिटी अनिल यादव, कोतवाली प्रभारी व कृष्णानगर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी।

तीन लड़कियों ने किया अपना खुद का बैण्ड ‘‘जुगलबंदियाॅ‘‘ लाॅच

तीन लड़कियों ने किया अपना खुद का बैण्ड ‘‘जुगलबंदियाॅ‘‘ लाॅच
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अजय शास्त्री (संपादक) बॉलीवुड सिने रिपोर्टर 
Email: editorbcr@gmail.com
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बीसीआर (नई दिल्ली) भारतीय बॉलीवुड संगीत में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि लड़किया खुद का अपना एक बैंड चलायें। लेकिन ऐसा हीं कारनामा कर दिखाया है दिल्ली की तीन लड़कियाॅ प्रीती, रेशमा और शालू ने। इन तीन लड़कियों ने अपना खुद का एक बैंड खोला है जिसका नाम रखा ‘‘जुगलबंदियाॅ‘‘ जिसकी लाॅचिंग नई दिल्ली के होटल ‘‘पार्क प्लाजा‘‘ में मिडिया के समक्ष की गई। ‘‘जुगलबंदियाॅ‘‘ जैसा कि नाम से हीं संगीत झलक रहा है तीन बहुत हीं टैलंेटेड लड़कियों का ग्रुप है जिसे ट्रेन किया है संगीत जगत की जानी-मानी हस्ती परमजीत सिंह ने जिन्होने अपनी कंपनी ‘‘गोल्डन मेलोडिज प्राईवेट लिमिटेड‘‘ के जरिये इनको बहुत हीं अच्छे ढ़ंग से ट्रेन किया है।
इस खास मौके पर प्रीती, रेशमा और शालू ने मीडिया के समक्ष अपने कुछ बेहतरीन नगमें भी पेश किये जिसे सुनकर लोग झूमने पर मजबूर हो गयें। इन तीनो ने लगभग हर तरह के गाने गाकर वहाॅ मौजूद लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। बाॅलीवूड के इन गानों में इश्क़ वाला लव, चली रे, जानें जाॅ ओ मेरी जानें जा, सूफी गीत लाल इष्क, जहेंनसीब और फिर ले आया दिल के नाम शामिल हैं।
‘‘जुगलबंदियाॅ‘‘ ग्रुप की पहली बंदी यानी प्रीती नागराजन जो कि मशहूर भजन गायक सी के नागराजन की बेटी भी हैं, जिन्हें संगीत धरोहर में मिली है। साथ हीं नृत्य की शिक्षा उन्होने बीरजू महाराज से और अपनी माॅ अरूणा नागराजन से ली है। पुराने गीतों की शौकीन प्रीती महान गायिका लता मंगेशकर जी को अपना आयडल मानती हैं। वहीं जुगलबंदियाॅ की दूसरी बंदी यानी रेशमा दास जो कि किसी म्यूजिकल घराने से तो ताल्लूक नहीं रखती है फिरभी उनकी बेहतरीन आवाज लोगों के दिल को छू जाती है। अपने स्कूल और काॅलेज में संगीत और गायकी में कई एवार्ड जीतने वाली रेषमा का स्टाईल सूफी संगीत है और उन्हें सूफी गाने गाना ज्यादा पसंद है। रही जुगलबंदियाॅ की तीसरी बंदी यानी शालू मेहरा की बात तो शालू बहुत हीं बेहतरीन म्यूजिक फैमली से ताल्लूक रखती हैं। उनके माता-पिता गणेष और विजयालक्ष्मी मेहरा संगीत जगत की जानी-मानी जोडि़यों में से एक है। म्यूजिक घराने से ताल्लूक रखने के साथ-साथ शालू बिरजू अभी बीरजू महाराज से कथक भी सीख रहीं हैं। शालू की पसंदीदा गायकी की बात करें तो शालू को नये और पेपी गाने गाने का बहुत शौक है। उनकी मधुर आवाज उनकी इस गायकी पर चार चाॅद लगा देती है।